लखनऊ में बच्चा चोरी का खुलासा: फर्जी डॉक्टर निकला गिरोह का सरगना, तीन लाख का सौदा टूटा
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बच्चा चोरी की एक चौंकाने वाली घटना का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। चौक इलाके की चरक पुलिस चौकी के ठीक सामने से एक मजदूर की डेढ़ साल की बेटी को चुराने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। इस गिरोह का सरगना, जो खुद को डॉक्टर बताता था, दरअसल एक फर्जी डॉक्टर निकला और उसने अपने साले के साथ मिलकर इस पूरे रैकेट को अंजाम दिया।
गिरोह का मास्टरमाइंड और सौदा
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह का मुख्य सरगना श्यामजी यादव, जिसने केवल जीएनएम नर्सिंग का कोर्स किया है, खुद को डॉक्टर बताकर अपने जीजा शेर सिंह के साथ मिलकर पारा इलाके में साई हॉस्पिटल के नाम से एक फर्जी अस्पताल भी चलाता था, जो कुछ महीने पहले बंद हो गया था। पुलिस के अनुसार, श्यामजी ने शेर सिंह के कहने पर बच्चा चोरी के लिए सुल्तान को तीन लाख रुपये की सुपारी दी थी। सुल्तान ने ऋषभ कश्यप, रोहित पासी उर्फ जादू और इरशाद शाह के साथ मिलकर बरामदे से सोती हुई बच्ची को उठा लिया। चोरी के तुरंत बाद सुल्तान ने बच्ची की तस्वीर व्हाट्सएप पर श्यामजी को भेजी, जिसने इसे शेर सिंह को फॉरवर्ड किया। हालांकि, शेर सिंह ने यह कहकर सौदा रद्द कर दिया कि उसे लड़का चाहिए था, लड़की नहीं और बच्ची की उम्र भी ज्यादा थी। इसके बाद डरे हुए बदमाश मासूम को आलमबाग के मवैया इलाके में सड़क किनारे छोड़कर फरार हो गए।
पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी
पुलिस उपायुक्त पश्चिम कमलेश कुमार दीक्षित ने बताया कि टीम ने सीसीटीवी फुटेज खंगालकर आरोपियों का रूट तैयार किया और बुधवार सुबह मालवीय नगर मोड़ से पांच आरोपियों – श्यामजी यादव, मो. इरशाद शाह, रोहित पासी उर्फ जादू, ऋषभ कश्यप और मो. सुल्तान को गिरफ्तार कर लिया। बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया गया है।
आगे की जांच
हालांकि, मुख्य सरगना शेर सिंह, जो मूल रूप से हरदोई के संडीला का रहने वाला है, अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है। पुलिस अब बच्चा चोरी के पीछे के असली मकसद का पता लगाने में जुटी है। इस मामले को मानव तस्करी और अंग तस्करी के कोण से भी जांचा जा रहा है। गिरोह के आपराधिक इतिहास की भी पड़ताल की जा रही है और बरामद मोबाइल फोन से नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचने का प्रयास जारी है। इस घटना ने शहर में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर सार्वजनिक स्थानों पर सो रहे नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
