चुनाव आयोग जिम्मेदार: कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने अध्यापक की मौत पर उठाए सवाल
जौनपुर के सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के मल्हनी गांव में 34 वर्षीय सहायक अध्यापक विपिन कुमार यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में विषाक्त पदार्थ खाने से हुई मौत के बाद राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इस घटना के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार राय ने मृतक के पैतृक गांव पहुंचकर शोक संतप्त परिवार से मुलाकात की और प्रदेश सरकार व प्रशासनिक तंत्र पर तीखा हमला बोला।
राय ने कहा कि यह केवल एक पारिवारिक त्रासदी नहीं, बल्कि सरकारी दबाव, भय और उत्पीड़न का सीधा परिणाम है। उन्होंने चुनाव आयोग से इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। साथ ही, उन्होंने इस घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की भी मांग की। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने पीड़ित परिवार के लिए एक करोड़ रुपये के मुआवजे और मृतक की पत्नी को आश्रित कोटे में सरकारी नौकरी देने की भी मांग उठाई है।
अजय राय ने भाजपा सरकार पर कर्मचारियों और विशेषकर ओबीसी वर्ग को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह प्रदेश में तीसरी ऐसी घटना है जहां सरकारी उत्पीड़न के चलते किसी कर्मचारी की जान गई है। उन्होंने बताया कि अधिकारी एस.आई.आर. सूची में ओबीसी वर्ग के नाम कटवाने और नए नाम जोड़ने का अवैध दबाव बना रहे हैं, जिससे प्रदेश में अव्यवस्था फैली हुई है। राय के अनुसार, अधिकारी राजनीतिक दबाव में काम कर रहे हैं और इसकी कीमत कर्मचारियों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ रही है।
चुनाव आयोग को कटघरे में खड़ा करते हुए राय ने कहा कि आयोग का दायित्व केवल सूची संशोधन तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करना भी है। उन्होंने कहा कि यदि एसडीएम, लेखपाल या अन्य अधिकारी दबाव बना रहे थे, तो यह सीधी आपराधिक लापरवाही है और इस पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। राय ने चेतावनी दी कि यदि कर्मचारियों को इसी तरह निर्दयता से प्रताड़ित किया जाता रहा, तो लोगों का प्रशासनिक तंत्र से भरोसा उठ जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस इस मुद्दे को सड़क से लेकर सदन तक मजबूती से उठाएगी।
