चंदौसी पालिका का ₹7 करोड़ का कॉम्प्लेक्स प्रोजेक्ट फंड की कमी से अधर में लटका
चंदौसी नगर पालिका का बहुप्रतीक्षित ₹7 करोड़ का कॉम्प्लेक्स बनाने का प्रोजेक्ट फंड की कमी के कारण पिछले छह महीनों से अधर में लटका हुआ है। पालिका का मूल भवन मई में ध्वस्त कर दिया गया था, जिसके बाद से कार्यालयों का संचालन तीन अलग-अलग स्थानों से किया जा रहा है। इस अव्यवस्था के कारण न केवल विभागीय कर्मचारियों को दैनिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि आम जनता को भी अपने छोटे-मोटे कामों के लिए दिनभर विभिन्न कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, बोर्ड की बैठक में सात करोड़ रुपये के इस भवन निर्माण प्रस्ताव को स्वीकृत किया गया था, लेकिन अपेक्षित धनराशि की अनुपलब्धता के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है। वर्तमान में, स्वास्थ्य और बिजली विभाग फव्वारा चौक स्थित भवन से संचालित हो रहे हैं, जबकि जलकल, पीडब्ल्यूडी और अन्य छोटे पटल वाटर वर्क्स की बिल्डिंग में काम कर रहे हैं। पालिका अध्यक्ष, अधिशासी अधिकारी, लेखाकार और टैक्स कार्यालय गांधी पार्क स्थित भवन से संचालित हो रहे हैं, जिसे मुख्य कार्यालय का दर्जा दिया गया है।
इस बिखरी हुई व्यवस्था के चलते जनता को एक काम के लिए एक भवन से दूसरे भवन तक भेजा जाता है, जिससे उनका पूरा दिन बर्बाद हो जाता है। कुछ वर्ष पहले जर्जर हो चुके फव्वारा चौक स्थित मूल भवन के स्थान पर एक आधुनिक कॉम्प्लेक्स बनाने का प्रस्ताव पिछले साल दिसंबर में पारित हुआ था। इस योजना के तहत, तीन मंजिला कॉम्प्लेक्स का निर्माण प्रस्तावित था, जिसमें बेसमेंट में पार्किंग, पहली और दूसरी मंजिल पर दुकानें और तीसरी मंजिल पर नगर पालिका का कार्यालय होना था। पालिका का मानना था कि इससे न केवल आय बढ़ेगी, बल्कि बाजार में यातायात जाम की समस्या को कम करने में भी मदद मिलेगी।
योजना को साकार करने के लिए अप्रैल के अंतिम सप्ताह में भवन की नीलामी की गई और मई में इसे ध्वस्त कर दिया गया। तब से अब तक, निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। सूत्रों का कहना है कि निर्माण में दो प्रमुख बाधाएँ हैं। पहला, प्रस्तावित तीन मंजिला इमारत के निर्माण पर लगभग सवा सात करोड़ रुपये का अनुमानित खर्च है, जबकि पालिका के पास इतनी बड़ी धनराशि उपलब्ध नहीं है। नियमों के अनुसार, दो करोड़ रुपये से अधिक के कार्यों के लिए पालिका को किसी अन्य कार्यदायी संस्था को ठेका देना होता है, लेकिन इसके लिए भी पर्याप्त धन का अभाव है। दूसरा कारण डिज़ाइन से संबंधित तकनीकी जटिलताएँ हैं। यदि पालिका डिज़ाइन में बदलाव कर पहली मंजिल पर कार्यालय और ऊपर की मंजिलों पर दुकानें बनाना चाहे, तो भी तकनीकी कारणों से निर्माण कार्य आगे बढ़ाना संभव नहीं हो पा रहा है। इस प्रकार, फंड की कमी और तकनीकी अड़चनों के चलते चंदौसी नगर पालिका का बहुमंजिला कॉम्प्लेक्स प्रोजेक्ट फिलहाल ठंडे बस्ते में चला गया है।
