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चीन-जापान तनाव के बीच जानिए, येन या युआन: डॉलर से कौन सी करेंसी करती है ज्यादा टक्कर?

By Nov 18, 2025

ताइवान को लेकर जापान और चीन के बीच भू-राजनीतिक तनाव एक बार फिर गरमा गया है। जापान की प्रधानमंत्री के एक बयान के बाद कि चीन द्वारा ताइवान पर हमले की स्थिति में जापान अपनी सेना भेज सकता है, दोनों देशों के बीच कूटनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इस बढ़ते तनाव का असर अब आर्थिक मोर्चे पर भी दिखाई देने लगा है, जिससे दोनों देशों की मुद्राओं, जापानी येन और चीनी युआन, की तुलना का विषय चर्चा में आ गया है।

जब बात आती है कि इन दोनों में से कौन सी करेंसी अधिक मजबूत है, तो इसका विश्लेषण भारतीय रुपये और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले किया जा सकता है। वर्तमान विनिमय दर के अनुसार, एक चीनी युआन 12.47 भारतीय रुपये के बराबर है, जो इसे भारतीय रुपये की तुलना में काफी मजबूत बनाता है। वहीं, एक जापानी येन भारतीय रुपये के मुकाबले कमजोर है, क्योंकि 57 पैसे के बराबर एक येन है।

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले युआन की स्थिति येन से बेहतर है। एक डॉलर वर्तमान में लगभग 7.11 युआन के बराबर है, जबकि एक डॉलर 155.06 येन के बराबर है। इससे स्पष्ट होता है कि चीनी युआन डॉलर से बेहतर टक्कर लेने की क्षमता रखता है और आर्थिक रूप से अधिक मजबूत स्थिति में है। एक युआन की कीमत लगभग 21.81 येन है, जो युआन की सापेक्षिक मजबूती को दर्शाता है।

हालांकि जापानी येन अमेरिकी डॉलर और चीनी युआन की तुलना में कमजोर प्रतीत होता है, यह अंतरराष्ट्रीय वित्तीय परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। येन विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर और यूरो के बाद तीसरी सबसे अधिक कारोबार वाली मुद्रा है। यह तीसरी सबसे बड़ी रिजर्व करेंसी के रूप में भी व्यापक रूप से स्वीकार की जाती है, जो इसकी वैश्विक वित्तीय प्रणाली में भूमिका को रेखांकित करती है। येन का इतिहास 1882 में बैंक ऑफ जापान की स्थापना से जुड़ा है, जिसने देश की मुद्रा आपूर्ति को नियंत्रित करने का एकाधिकार प्राप्त किया।

दूसरी ओर, चीनी युआन, जिसे रेनमिनबी की मूल इकाई के रूप में भी जाना जाता है, चीन की आधिकारिक मुद्रा है। पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना द्वारा जारी रेनमिनबी दुनिया की पांचवीं सबसे अधिक कारोबार वाली मुद्रा है। युआन की बढ़ती आर्थिक शक्ति और अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी स्वीकार्यता, चीन के वैश्विक आर्थिक प्रभाव को दर्शाती है।

कुल मिलाकर, आर्थिक मजबूती के मामले में युआन डॉलर के मुकाबले येन से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है, लेकिन येन अपनी वैश्विक रिजर्व स्थिति के कारण अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी अहमियत बनाए हुए है। यह देखना दिलचस्प होगा कि बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच दोनों देशों की आर्थिक और मौद्रिक नीतियां किस दिशा में विकसित होती हैं।

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