चिकन पॉक्स के भय के बीच पटियाली के ग्रामीण क्षेत्रों में दवा वितरण और टीकाकरण
एटा जिले के जैथरा क्षेत्र में चिकन पॉक्स से एक बच्चे की दुर्भाग्यपूर्ण मौत के बाद, स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। इस घटना के मद्देनजर, पटियाली के ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य चिकन पॉक्स टीकाकरण से छूटे बच्चों को दवाएं उपलब्ध कराना और उन्हें टीका लगाना है।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें सक्रिय रूप से ग्रामीण इलाकों का दौरा कर रही हैं। इन टीमों द्वारा बच्चों को चिकन पॉक्स से बचाव के लिए आवश्यक दवाएं वितरित की जा रही हैं। इसके साथ ही, ग्रामीणों को इस संक्रामक रोग के लक्षणों, बचाव के तरीकों और समय पर उपचार के महत्व के बारे में भी शिक्षित किया जा रहा है।
गुरुवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. राजीव अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि गंजडुंडवारा के गांव कादरगंज में विशेष रूप से बच्चों को चिकन पॉक्स की औषधियों का वितरण किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि स्वास्थ्य कर्मी उन बच्चों की पहचान कर रहे हैं जिन्हें अब तक चिकन पॉक्स का टीका नहीं लगा है और उन्हें चिन्हित कर टीकाकरण की प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं।
स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा ग्रामीणों को यह भी समझाया जा रहा है कि यदि किसी बच्चे में चिकन पॉक्स के लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत घबराने के बजाय निकटतम सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करें और उचित चिकित्सा परामर्श लें। सीएमओ ने आश्वासन दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में चिकन पॉक्स की दवाओं का निशुल्क वितरण आगे भी जारी रहेगा, ताकि इस बीमारी को फैलने से रोका जा सके और बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीण आबादी के बीच स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाना और उन्हें संक्रामक रोगों से सुरक्षित रखना है।
