राजधानी के विकास के लिए ₹2278 करोड़ का बजट, सफाई और सड़कों पर विशेष ध्यान | Capital City Development
राजधानी नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹2278.34 करोड़ का महत्वाकांक्षी प्रस्तावित बजट तैयार किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य शहर के समग्र विकास को गति देना है। इस बजट में किसी नए कर या मौजूदा करों में वृद्धि का प्रस्ताव नहीं है, जिससे शहरवासियों को बड़ी राहत मिली है। हालांकि, बजट की मदों पर गहराई से नजर डालने पर कुछ महत्वपूर्ण सवाल उठते हैं, खासकर जब बात शहर की बुनियादी सुविधाओं की आती है। यह बजट राजधानी के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण खाका प्रस्तुत करता है, जिसमें Capital City Development पर जोर दिया गया है।
कूड़ा प्रबंधन और नालों की सफाई: प्राथमिकताएं और चुनौतियां
प्रस्तावित बजट में कूड़ा प्रबंधन पर सबसे बड़ी राशि, लगभग ₹300 करोड़ रुपये, खर्च करने का प्रावधान है, जो शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के निगम के दावे को दर्शाता है। यह एक सकारात्मक कदम है, लेकिन दूसरी ओर, हर बरसात में जलभराव से जूझने वाले इलाकों के लिए नालों की सफाई का बजट पहले की तरह मात्र ₹15 करोड़ रुपये ही रखा गया है। यह वही मद है जिस पर हर साल सवाल उठते हैं, जब सड़कों पर पानी भरता है और जिम्मेदारियों की परतें खुलती हैं। इस मद में कोई बढ़ोतरी न होना चिंता का विषय है।
सड़कों का निर्माण और रखरखाव
राजधानी की सड़कों की मरम्मत और नई सड़कों के निर्माण के लिए ₹326.40 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है। जानकारों का मानना है कि शहर के तेजी से विस्तार और बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए यह राशि पर्याप्त नहीं हो सकती। हालांकि, मुख्यमंत्री ग्रिड योजना के तहत सड़कों के निर्माण के लिए अलग से ₹20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके बावजूद, बड़े पैमाने पर सड़क सुधार की उम्मीद कर रहे लोगों को यह बजट थोड़ा कम लग सकता है।
पुराने दायित्वों का बोझ और ठेकेदारों की चिंता
नगर निगम के सामने सबसे बड़ी चुनौती पुराने निर्माण कार्यों का भुगतान है। बजट में ₹370 करोड़ रुपये पुराने दायित्वों के लिए रखे गए हैं, जो दर्शाता है कि पूर्व में कराए गए कार्यों का भुगतान अभी भी लंबित है। इसके अतिरिक्त, कार्यदायी संस्थाओं को भुगतान की रकम में कटौती की गई है; पुनरीक्षित बजट में ₹130 करोड़ का प्रावधान था, जिसे घटाकर ₹100 करोड़ कर दिया गया है। इससे ठेकेदारों और एजेंसियों में असंतोष की आशंका जताई जा रही है, जिसका असर भविष्य के विकास कार्यों पर पड़ सकता है।
पार्कों, स्ट्रीट लाइट और भवनों पर बढ़ा खर्च
नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में, नगर निगम ने पार्कों के अनुरक्षण का बजट ₹38.38 करोड़ से बढ़ाकर ₹42 करोड़ कर दिया है। पार्कों की रंगाई-पुताई पर ₹6 करोड़ खर्च होंगे। मार्ग प्रकाश के लिए ₹16 करोड़, स्ट्रीट लाइट मरम्मत के लिए ₹6 करोड़ और उपकरण खरीद के लिए ₹6.50 करोड़ रुपये का प्रावधान है। नए निर्माण कार्यों के लिए ₹7 करोड़, भवन मरम्मत के लिए ₹5 करोड़, फ्लैट निर्माण के लिए ₹25 करोड़ और अहाना एनक्लेव की बहुमंजिली आवासीय योजना के लिए ₹40 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं।
भूमि सर्वे और बाउंड्री वॉल पर पहली बार बड़ा प्रावधान
नगर निगम की भूमियों के सर्वे और बाउंड्री वॉल निर्माण के लिए इस बार ₹10 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जो पहले सिर्फ ₹4 करोड़ थे। यह कदम अवैध कब्जों पर रोक लगाने और निगम की संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शहरी निर्धनों के लिए भी ₹5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। अवस्थापना निधि से ₹180 करोड़ रुपये के विकास कार्य कराए जाएंगे, जबकि मॉडल वेंडिंग जोन के निर्माण और संचालन का बजट ₹10 करोड़ से बढ़ाकर ₹15 करोड़ कर दिया गया है। यह प्रस्तावित बजट फरवरी के अंतिम सप्ताह में होने वाली नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में रखा जाएगा, जहां से इसे अंतिम मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
