रक्षा प्रतिष्ठानों में BPMS protest: देशभर में कर्मचारियों का प्रदर्शन, संसद घेराव की चेतावनी
भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ (BPMS) के आह्वान पर बुधवार को देश भर के रक्षा प्रतिष्ठानों में कार्यरत कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर व्यापक प्रदर्शन किया। कानपुर सहित कई शहरों में, बीपीएमएस से संबद्ध यूनियनों ने सरकारी संस्थानों में रिक्त पदों पर स्थायी नियुक्तियां करने, मृतक आश्रितों को शत-प्रतिशत नौकरी देने, नई पेंशन योजना (NPS) को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना (OPS) लागू करने की मांग की।
कर्मचारियों ने ईपीएफओ में न्यूनतम 7500 रुपये पेंशन देने और ठेका श्रमिकों को स्थायी कर्मचारियों के बराबर पेंशन, बीमा व स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने की भी मांग की। भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ के अखिल भारतीय संयुक्त मंत्री योगेन्द्र सिंह चौहान ने बताया कि यह आंदोलन पूरे देश में रेहड़ी-पटरी यूनियनों से लेकर एयरपोर्ट में कार्यरत भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध यूनियनों द्वारा किया जा रहा है।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि आयुध निर्माणियों का निगमीकरण समाप्त करने सहित अन्य मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो वे संसद का घेराव करेंगे। बीपीएमएस के केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य सुधीर त्रिपाठी ने नए लेबर कोड में डीआरडीओ में ट्रेड यूनियन गतिविधियों को समाप्त करने के प्रावधान का कड़ा विरोध किया है, जिसे संघ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगा। इन प्रदर्शनों के माध्यम से कर्मचारियों ने सरकार पर अपनी मांगों को मानने का दबाव बनाया है, जिसका सीधा असर लाखों रक्षा कर्मचारियों के भविष्य और देश की रक्षा तैयारियों पर पड़ सकता है।
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