डीएलएड छात्रों को बड़ी राहत! मनमानी फीस पर लगी रोक, पहली सूची 11 दिसंबर को
बिहार में डीएलएड (डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन) कोर्स कर रहे छात्रों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। अब निजी प्रशिक्षण संस्थान मनमानी फीस नहीं वसूल पाएंगे। शिक्षा विभाग ने इस संबंध में महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं, जिससे छात्रों को आर्थिक रूप से बड़ी राहत मिलेगी। नामांकन की पहली सूची 11 दिसंबर को जारी होने वाली है, जिसका इंतजार लाखों छात्र कर रहे हैं।
जागरण संवाददाता, पटना के अनुसार, राज्य के गैर सरकारी स्व-वित्तपोषित (निजी) प्रशिक्षण संस्थानों में संचालित दो वर्षीय डीएलएड कोर्स के लिए अधिकतम शुल्क तय कर दिया गया है। यह कदम छात्रों के हित में उठाया गया है, ताकि उन्हें शिक्षा प्राप्त करने में किसी प्रकार की बाधा का सामना न करना पड़े।
शिक्षा विभाग, पटना के संयुक्त सचिव, राज्य शैक्षिक शोध एवं प्रशिक्षण परिषद द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2023-25 से प्रति छात्र अधिकतम 60 हजार रुपये प्रतिवर्ष और पूरे दो वर्ष के कोर्स के लिए कुल एक लाख 20 हजार रुपये से अधिक शुल्क नहीं लिया जा सकेगा। यह फैसला छात्रों के लिए एक बड़ी जीत है, जो अक्सर निजी संस्थानों की ऊंची फीस से परेशान रहते थे।
शिक्षा विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह शुल्क अधिकतम सीमा है। डीएलएड कोर्स के संचालन के लिए राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद द्वारा निर्धारित शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मियों की संख्या के आधार पर ही फीस संरचना तय की गई है। यदि किसी संस्थान का व्यय निर्धारित मानक से कम होता है, तो उसी अनुपात में नामांकन शुल्क में भी कमी की जाएगी। यह सुनिश्चित करेगा कि संस्थान केवल आवश्यक खर्चों के लिए ही शुल्क लें।
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति से संबद्ध सभी निजी प्रशिक्षण संस्थानों के लिए इस शुल्क संरचना का पालन करना अनिवार्य होगा। संस्थानों को इसके अक्षरशः अनुपालन का निर्देश दिया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता न हो।
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने डीएलएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा 2025 में सफल विद्यार्थियों के लिए पंजीयन तिथि भी जारी कर दी है। नामांकन के लिए पंजीयन 29 नवंबर से पांच दिसंबर तक वेबसाइट bsebdeled.com पर किया जा सकता है। इस वर्ष 3,23,313 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए थे, जिनमें से 2,55,468 अभ्यर्थी सफल घोषित किए गए हैं।
राज्य में डीएलएड की कुल 306 शिक्षण संस्थाएं हैं, जिनमें 60 सरकारी और 246 गैर-सरकारी संस्थान शामिल हैं। सरकारी संस्थानों में कुल 9,100 सीटें तथा गैर-सरकारी संस्थानों में 21,700 सीटें उपलब्ध हैं। इस प्रकार कुल 30,800 सीटों पर नामांकन होगा।
निर्देशक, राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी), महेंद्रू, पटना के पत्र के आलोक में प्राप्त निर्देशानुसार मेधा अंक के आधार पर पहले सरकारी शिक्षण संस्थानों में आरक्षण नियमों के अनुरूप चयन होगा। इसके बाद ही गैर-सरकारी संस्थानों में शत-प्रतिशत नामांकन कराया जाएगा। यह प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न की जाएगी, जिससे योग्य छात्रों को उनका अधिकार मिल सके।
