यूपी और जापान के यामानाशी के बीच ग्रीन हाइड्रोजन और पर्यटन पर बड़ा समझौता, रोजगार को मिलेगी गति
उत्तर प्रदेश और जापान के यामानाशी प्रांत के बीच शुक्रवार को ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन और पर्यटन के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के तहत उत्तर प्रदेश में हर साल एक मिलियन मीट्रिक टन ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। ऊर्जा मंत्री एके शर्मा की उपस्थिति में हुए इस समझौते में यामानाशी मॉडल और पावर टू गैस (पी2जी) तकनीक पर आधारित एक पायलट परियोजना शुरू की जाएगी।
यह पहल स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यामानाशी हाइड्रोजन कंपनी और कनाडेविया कॉरपोरेशन के सहयोग से यह पायलट परियोजना ग्रीन हाइड्रोजन को बढ़ावा देगी, जो भविष्य की ऊर्जा का एक महत्वपूर्ण स्रोत है।
समझौते में पर्यटन को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया है। जापानी पक्ष ने सितंबर में आयोजित होने वाले टूरिज्म एक्सपो जापान 2026 में उत्तर प्रदेश की भागीदारी का अनुरोध किया है, जिसे मुख्यमंत्री ने स्वीकार कर लिया है। यह कदम उत्तर प्रदेश के समृद्ध सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और विरासत पर्यटन स्थलों को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करेगा, जिससे जापानी पर्यटकों की संख्या में वृद्धि की उम्मीद है। पिछले वर्ष 2.19 लाख जापानी नागरिकों ने भारत की यात्रा की थी, जो एक महत्वपूर्ण आंकड़ा है।
