गाजीपुर में बाल श्रम पर बड़ा एक्शन: 11 बच्चों को छुड़ाया, दुकानदारों को जेल-जुर्माने की चेतावनी
गाजीपुर में सहायक श्रम आयुक्त अभिषेक सिंह के नेतृत्व में एक विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत पहाड़ खां पोखरा, महुआबाग और आमघाट में संचालित दुकानों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कुल 11 बाल श्रमिक कार्य करते हुए पाए गए। जांच के दौरान तीन दुकानदारों को बालश्रम कराने के लिए नोटिस जारी किया गया। यह कार्रवाई जिलाधिकारी अविनाश कुमार के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा की गई।
जांच के दौरान सहायक श्रम आयुक्त ने दुकानदारों को कड़ी चेतावनी दी कि किसी भी परिस्थिति में 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों से कार्य न कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों को पढ़ाई के लिए स्कूल भेजना अनिवार्य है। यदि कहीं बाल श्रमिक पाए जाते हैं, तो बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
इस अधिनियम के तहत बाल श्रम कराने पर 50 हजार रुपये तक का जुर्माना या दो वर्ष तक का कारावास अथवा दोनों का प्रावधान है। सहायक श्रम आयुक्त ने सभी पंडाल संचालक, मैरिज हाल मालिक, केटरिंग एवं इवेंट मैनेजमेंट संचालकों से अपील की कि वे अपने कार्यक्रमों में किसी भी प्रकार के बाल श्रमिक का उपयोग न करें और बाल श्रम उन्मूलन में प्रशासन का सहयोग करें।
उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि यदि कोई बाल श्रम करते हुए पाए, तो इसकी सूचना तुरंत निकटतम पुलिस थाना, खंड शिक्षा अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, तहसीलदार, उप जिला मजिस्ट्रेट या श्रम विभाग कार्यालय में दें। इसके अलावा, सूचना देने के लिए कार्यालय के फोन नंबर 0548-3560669 पर भी कॉल किया जा सकता है।
