भोपाल के एडीजी ने 31 लाख ठगी के पीड़ित से की मुलाकात, Cyber Crime पर कार्रवाई का भरोसा
हाल ही में गंजडुंडवारा के एक व्यवसायी मोहम्मद स्वालेह अंसारी से 31 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया था, जिसमें उन्हें डिजिटल अरेस्ट का शिकार बनाया गया था। इस गंभीर अपराध के संबंध में गंजडुंडवारा कोतवाली पुलिस ने अपनी जांच को तेज कर दिया है। पुलिस ने उन बैंक खातों का विवरण जुटा लिया है जिनमें यह धनराशि स्थानांतरित की गई थी, और अब आगे की कार्रवाई इसी आधार पर की जाएगी।
इस बीच, गुरुवार को भोपाल के एडीजी अंशुमान यादव, जो अनुभूति सेवा समिति के प्रेरणास्रोत भी हैं, गंजडुंडवारा पहुंचे। उन्होंने डिजिटल अरेस्ट के इस पीड़ित व्यवसायी से मुलाकात की। एडीजी ने उन्हें कानूनी सहायता प्रदान कर साइबर ठगों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने का भरोसा दिलाया, जिससे 31 लाख रुपये की ठगी गई राशि की शीघ्र वसूली सुनिश्चित हो सके। उन्होंने यह भी बताया कि वे इस मामले में जांच की प्रगति की जानकारी लेने के लिए एसपी से भी बात करेंगे।
पीड़ित व्यवसायी स्वालेह अंसारी ने एडीजी को बताया कि ठगों ने व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से उनसे संपर्क साधा था। खुद को एनआईए और सीबीआई का अधिकारी बताकर, उन्होंने व्यवसायी पर बैंक खातों से टेरर फंडिंग और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में संलिप्त होने का झूठा आरोप लगाया। इस मनोवैज्ञानिक दबाव और कानूनी कार्रवाई के डर का फायदा उठाकर, साइबर ठगों ने व्यवसायी से विभिन्न किश्तों में लगभग 31 लाख रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करवा लिए। इस तरह की ठगी आम जनता के लिए एक बड़ा खतरा बन गई है, जिससे सतर्क रहने की आवश्यकता है।
