पति को बचाने ‘सावित्री’ बनीं भारती, HC से लिवर डोनेशन के आदेश, जानें क्या थी बाधा
फिरोजाबाद के ऊलाऊ खेड़ा गांव की भारती ने अपने लिवर कैंसर से पीड़ित पति राजकुमार के जीवन को बचाने के लिए असाधारण साहस का परिचय दिया है। स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइन के अनुसार, शादी के एक वर्ष ही होने के कारण वह पति को लिवर दान करने की पात्र नहीं थीं। इस बाधा को पार करने के लिए, भारती ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की।
कोर्ट ने भारती की स्थिति को समझते हुए उन्हें पति को लिवर दान करने की अनुमति प्रदान की। इसके बाद, बुधवार को एक 15 घंटे चली जटिल सर्जरी में, भारती ने अपने लिवर का एक हिस्सा अपने पति को दान कर दिया, जिससे उनके जीवन को बचाने की उम्मीद जगी है।
यह घटना तब सामने आई जब राजकुमार की तबीयत बिगड़ने पर जांच में लिवर कैंसर का पता चला। चिकित्सकों ने लिवर ट्रांसप्लांट की सलाह दी थी, लेकिन परिवार के अन्य सदस्य उपयुक्त दाता नहीं मिल पाए। ऐसे में, भारती का सामने आना एक उम्मीद की किरण था, जिसे सरकारी नियमों ने शुरू में रोक दिया था।
भारती के इस कदम ने न केवल उनके पति के जीवन को बचाया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि कैसे दृढ़ संकल्प और कानूनी सहायता से मुश्किल परिस्थितियों का सामना किया जा सकता है। इस सर्जरी के बाद दोनों अस्पताल में उपचाराधीन हैं।
