भदोही: 5.57 करोड़ की धोखाधड़ी का प्रयास, बैंक प्रबंधक समेत चार पर केस दर्ज
भदोही के गोपीगंज निवासी आयातक सिकंदर अली ने एक बड़े धोखाधड़ी के प्रयास का पर्दाफाश करते हुए बैंक प्रबंधक सहित चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। सिकंदर अली ने एल्यूमिनियम स्क्रैप आयात के लिए आईसीआईसीआई बैंक की चकइनायत शाखा में एक लेटर ऑफ क्रेडिट (एलसी) खोला था। इस एलसी के एवज में बैंक ने उनसे पांच करोड़ 57 लाख 4021 रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडीआर) बतौर धरोहर राशि के रूप में ली थी।
आरोप है कि जब सिकंदर अली 25 अक्टूबर को दुबई स्थित सिनोमेट ट्रेडिंग एंड रीसाइक्लिंग कंपनी के प्रोपराइटर जावेद के बुलाने पर वहां पहुंचे, तो उन्होंने जो पता दिया था, वहां कोई कंपनी नहीं मिली। बार-बार संपर्क करने के बावजूद जावेद से मुलाकात नहीं हो सकी, जिससे सिकंदर को आशंका हुई कि उनके साथ धोखाधड़ी की जा रही है। उन्होंने 28 अक्टूबर को बैंक को ईमेल के माध्यम से इसकी सूचना दी।
इसके बावजूद, 11 नवंबर को बैंक से उन्हें फोन आया कि उनके शिपमेंट के दस्तावेज आ गए हैं और वे पार्टी को भुगतान करने की प्रक्रिया कर रहे हैं। बैंक मैनेजर ने भुगतान की प्रक्रिया पूरी करने के लिए दबाव भी बनाया। इसी बीच, नवी मुंबई स्थित वर्षा एक्सपोर्ट के प्रोपराइटर हर्षित पारेखर ने सिकंदर को फोन कर बताया कि इस आयात के कुछ दस्तावेज उसके पास हैं, जो जावेद ने उसे दिए थे।
इसके बाद सिकंदर अली भदोही पहुंचे और पूरी घटना की जानकारी देते हुए आईसीआईसीआई बैंक प्रबंधक, नवी मुंबई के वर्षा एक्सपोर्ट के संचालक हर्षित पारेखर, अबुधाबी दुबई के जावेद और दुबई की उनकी कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी के प्रयास का मुकदमा दर्ज कराया। उन्होंने दावा किया कि यह सभी लोग एक गिरोह के सदस्य हैं और उनकी एफडीआर की पूरी धनराशि हड़पना चाहते थे।
मामला दर्ज होते ही पुलिस हरकत में आ गई और तत्परता दिखाते हुए बैंक से सिकंदर अली का खाता होल्ड करा दिया, जिससे धोखाधड़ी की रकम का भुगतान रुक गया। स्थानीय पुलिस थाने के एसएचओ ने बताया कि व्यापारी के साथ धोखाधड़ी का प्रयास किया जा रहा था, लेकिन उनकी सक्रियता और तत्काल कार्रवाई से इसे रोका जा सका। इस मामले की गहन जांच की जा रही है और सभी आरोपियों की तलाश जारी है।
