भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति को मजबूती: सेना प्रमुख 2 दिसंबर को श्रीलंका के दौरे पर
नई दिल्ली। भारत अपनी ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति के तहत अपने पड़ोसी देशों के साथ सैन्य संबंधों और रणनीतिक सहयोग को लगातार मजबूत करने पर जोर दे रहा है। इसी कड़ी में, भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी 2 दिसंबर को श्रीलंका की महत्वपूर्ण यात्रा पर जाएंगे। यह दौरा दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को और गहरा करने तथा रणनीतिक साझेदारी को मजबूती देने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
सैन्य सूत्रों के अनुसार, सेना प्रमुख की यह यात्रा न केवल भारत और श्रीलंका के बीच मजबूत और विश्वासपूर्ण संबंधों का प्रतीक है, बल्कि यह क्षेत्रीय सुरक्षा को बनाए रखने में भारत की सक्रिय भूमिका को भी रेखांकित करती है। अपनी यात्रा के दौरान, जनरल द्विवेदी श्रीलंका के शीर्ष राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इस वार्ता का मुख्य एजेंडा उभरती क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों पर भारत का नजरिया साझा करना होगा।
यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब इंडो-पैसिफिक और हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) नए और बदलते रणनीतिक दबावों का सामना कर रहे हैं। नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी की हालिया श्रीलंका यात्रा के कुछ ही महीनों के भीतर सेना प्रमुख का यह दौरा, इस क्षेत्र में भारत की बढ़ी हुई कूटनीतिक और सामरिक सक्रियता को दर्शाता है।
चीन और पाकिस्तान से लगी सीमाओं पर बढ़ती सामरिक चुनौतियों के बीच, भारत अपने पड़ोसियों के साथ सैन्य सहयोग को प्राथमिकता दे रहा है। बांग्लादेश में हाल के सत्ता परिवर्तनों ने भी भारत को अपनी सीमाओं की सुरक्षा के प्रति और अधिक सतर्क कर दिया है। ऐसे में, सेना प्रमुख के दौरे के दौरान श्रीलंका के साथ रक्षा सहयोग को मजबूत करने, प्रशिक्षण, संयुक्त अभ्यास, पेशेवर आदान-प्रदान और सर्वोत्तम सैन्य प्रथाओं को साझा करने जैसे विभिन्न पहलुओं पर चर्चा होने की उम्मीद है। भारत, श्रीलंका को क्षमता निर्माण में सहायता करने के लिए प्रतिबद्ध है।
सैन्य सूत्रों ने बताया कि जनरल उपेंद्र द्विवेदी पिछले चार वर्षों में श्रीलंका का दौरा करने वाले पहले भारतीय सेना प्रमुख हैं। इससे पहले, जनरल एमएम नरवणे ने 2021 में यह यात्रा की थी। भारत और श्रीलंका के बीच शीर्ष सैन्य स्तर पर संपर्क निरंतर बना हुआ है। सितंबर 2025 में नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने भी श्रीलंका का दौरा किया था, जिसमें समुद्री सहयोग बढ़ाने और साझा रणनीतिक चुनौतियों पर चर्चा हुई थी।
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