भागलपुर जिला परिषद अध्यक्ष का पद खाली, उपाध्यक्ष को प्रभार का इंतजार
भागलपुर जिला परिषद में अध्यक्ष का पद पिछले सात दिनों से खाली पड़ा है। विधायक बनने के बाद जिला परिषद अध्यक्ष मिथुन कुमार द्वारा दिए गए इस्तीफे के बाद से यह पद रिक्त है, जिसके चलते उपाध्यक्ष को कार्यभार नहीं सौंपा जा सका है। इस स्थिति से जिला परिषद के विकास कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं और पार्षदों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।
सूत्रों के अनुसार, जिला पंचायती राज विभाग अब राज्य निर्वाचन आयोग को अध्यक्ष का पद खाली होने की सूचना भेजेगा और नए अध्यक्ष के चुनाव कराने का अनुरोध करेगा। इस प्रक्रिया में कुछ समय लग सकता है। इस बीच, उपाध्यक्ष प्रणव कुमार अध्यक्ष पद के प्रभार की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उन्हें सात दिनों तक इंतजार करने की सलाह दी गई थी, इस उम्मीद में कि शायद पूर्व अध्यक्ष अपना इस्तीफा वापस ले लें। हालांकि, आठ दिन बीत जाने के बाद भी इस्तीफा वापस नहीं लिया गया है।
जिला परिषद अध्यक्ष पद के लिए अनंत कुमार और विपिन मंडल के बीच मुख्य मुकाबला माना जा रहा है। अध्यक्ष पद के खाली रहने से जिला परिषद के कई महत्वपूर्ण कार्य ठप पड़े हैं, जिससे विकास की गति धीमी हो गई है। पार्षदों का कहना है कि कार्यकाल का एक वर्ष से भी कम समय बचा है और यदि जल्द चुनाव नहीं हुए तो विकास कार्यों के भुगतान में भी बाधा आ सकती है। विधानसभा चुनाव के दौरान भी यह पद खाली रहा, और अब स्थिति जस की तस बनी हुई है।
उपाध्यक्ष प्रणव कुमार ने बताया कि शुक्रवार को जिलाधिकारी से मुलाकात के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। उनका कहना है कि वे पिछले सात दिनों से अपने कक्ष में बैठ रहे हैं, लेकिन उन्हें पदभार ग्रहण करने के लिए कोई आधिकारिक पत्र नहीं मिला है।
सदस्य विपिन कुमार मंडल ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अध्यक्ष कोई भी बने, विकास का कार्य जारी रहना सर्वोपरि है। दो महीने से अधिक समय से विकास कार्य रुके हुए हैं, और यदि यह स्थिति बनी रही तो विकास कार्यों पर गंभीर असर पड़ेगा। उन्होंने यह भी बताया कि जो कार्य हो चुके हैं, उनका भुगतान भी रुका हुआ है। जिला परिषद का कार्यकाल एक वर्ष से कम बचा है, और यदि जल्द चुनाव नहीं हुए तो आचार संहिता लगने के बाद कामकाज संभव नहीं हो पाएगा।
