उत्तराखंड में भालू का कहर: 5 मौतें, 72 घायल; धामी सरकार ने उठाया बड़ा कदम, अब भालुओं के व्यवहार का होगा अध्ययन
उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में मानव-भालू संघर्ष एक गंभीर चुनौती बन गया है। इस वर्ष भालू के हमलों में पांच लोगों ने अपनी जान गंवाई है, जबकि 72 लोग घायल हुए हैं। इन घटनाओं ने स्थानीय निवासियों में भय का माहौल पैदा कर दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग को प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
वन विभाग ने अब भालुओं के व्यवहार में आई आक्रामकता का अध्ययन कराने का निर्णय लिया है। मुख्य वन संरक्षक गढ़वाल की अध्यक्षता में एक समिति गठित की जाएगी, जो राज्य के सभी प्रभावित क्षेत्रों का अध्ययन करेगी। इस अध्ययन में जैव विविधता बोर्ड और अनुसंधान विंग की मदद ली जाएगी। इसका उद्देश्य समस्या की जड़ को समझना और प्रभावी समाधान खोजना है।
इसके अलावा, सरकार ने भालू के हमले में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति के उपचार के लिए अधिकतम 10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने का प्रस्ताव तैयार किया है। यह कदम पीड़ितों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए उठाया गया है। अधिकारियों ने यह भी पाया कि गांवों के पास कचरे के ढेर भालुओं को आकर्षित कर रहे हैं। इसे देखते हुए स्थानीय निकायों के समन्वय से कचरा निस्तारण सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया है। मानव-भालू संघर्ष को रोकने के लिए बीयर स्प्रे के उपयोग पर भी विचार किया जा रहा है।
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