देवघर में बसंत पंचमी: बाबा बैद्यनाथ धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, विशेष परंपरा का महत्व
बसंत पंचमी का पावन पर्व देवघर के बाबा बैद्यनाथ धाम में आस्था और परंपरा के अनूठे संगम के रूप में मनाया गया। इस विशेष अवसर पर हजारों श्रद्धालु बाबा भोलेनाथ के ज्योतिर्लिंग और माता सरस्वती के दरबार में पहुंचे। अहले सुबह से ही भक्तों की कतारें लग गईं, जो ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंज उठीं।
बसंत पंचमी पर बाबा बैद्यनाथ धाम की एक विशेष परंपरा है, जिसका पालन मिथिलांचल क्षेत्र से आने वाले श्रद्धालु सदियों से करते आ रहे हैं। इस परंपरा के तहत, वे भगवान भोलेनाथ का तिलक करते हैं और जलाभिषेक करते हैं। यह उत्सव विद्या, बुद्धि और उच्च शिक्षा के आशीर्वाद के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है, खासकर बच्चों और छात्रों के बीच।
इस वर्ष भी, हर साल की तरह, लाखों श्रद्धालु देवघर पहुंचे। उन्होंने पहले माता सरस्वती की आराधना की और फिर बाबा भोलेनाथ के शिवलिंग पर जलाभिषेक किया। यह आयोजन आगामी शिवरात्रि की तैयारियों का भी हिस्सा है। देवघर मंदिर के पुजारियों ने बताया कि बसंत पंचमी पर भारी भीड़ जुटना एक वार्षिक परंपरा है। जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं के सुचारू प्रवेश के लिए व्यवस्था की है।
बाबा बैद्यनाथ धाम का बसंत पंचमी मेला सावन मेले से भी अधिक प्राचीन माना जाता है। इसी दिन भगवान शिव और माता पार्वती के तिलक महोत्सव का आयोजन होता है, जो देवघर की धार्मिक पहचान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस वर्ष की शिवरात्रि को लेकर जिला प्रशासन और पंडा धर्मरक्षिणी सभा ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। आगामी शिवरात्रि पर भव्य शिव बारात में सिनेमा जगत के सितारे और वरिष्ठ धार्मिक गुरुओं के शामिल होने की भी उम्मीद है।
बसंत पंचमी पर उमड़ी भीड़ को देखते हुए, जिला प्रशासन ने सुरक्षा और सुविधा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। मुख्य स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती और सुचारू व्यवस्था के बीच देर शाम तक जलाभिषेक जारी रहा। इसके बाद, बाबा धाम में शिवरात्रि की तैयारियां और तेज हो जाएंगी।
