बरेली में बीएलओ की हार्ट अटैक से मौत, पत्नी के गम और काम के दबाव में तोड़ा दम
बरेली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान में लगे एक बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) सर्वेश गंगवार की बुधवार को हार्ट अटैक पड़ने से दुखद मृत्यु हो गई। सर्वेश, जो प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक के पद पर भी कार्यरत थे, इस अभियान के दौरान वोटर लिस्ट से संबंधित कार्य कर रहे थे।
सूत्रों के अनुसार, सर्वेश पिछले कुछ समय से व्यक्तिगत त्रासदी और पेशेवर दबाव से गुजर रहे थे। सितंबर माह में ही उनकी पत्नी का कैंसर से निधन हो गया था, जिसके बाद से उन्हें अपने चार वर्षीय जुड़वा बच्चों की अकेले ही परवरिश करनी पड़ रही थी। इस व्यक्तिगत सदमे से उबरने से पहले ही, उन पर एसआईआर अभियान के तहत मतदाता सूची को अपडेट करने की अतिरिक्त जिम्मेदारी आ गई थी।
मृतक के भाई योगेश गंगवार, जो स्वयं एक शिक्षक और इस अभियान के सुपरवाइजर भी हैं, ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि एसआईआर कार्य में आ रही कई विसंगतियों और तकनीकी दिक्कतों के कारण सर्वेश तनाव में थे। वेबसाइट पर फार्म अपलोड करने में आ रही समस्याओं, जैसे कि गांव के लोगों के फार्म न भर पाना और महिलाओं को मायके से पुराने रिकॉर्ड लाने पड़ना, जैसी चुनौतियों से वह जूझ रहे थे। योगेश के अनुसार, अधिकारी इन समस्याओं को समझने के बजाय सर्वेश को डांटते थे, जिससे उन पर काम का अत्यधिक दबाव बन गया था। इसी अत्यधिक तनाव को उनकी मौत का कारण बताया जा रहा है।
घटना बुधवार को तब हुई जब सर्वेश स्कूल में मतदाता सूची से संबंधित कार्य कर रहे थे। अचानक उन्हें चक्कर आया और वह गश खाकर गिर पड़े। अन्य शिक्षकों ने उन्हें तुरंत प्रताप अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
इस घटना से शिक्षा विभाग और प्रशासनिक अमले में शोक की लहर दौड़ गई। जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने बताया कि सर्वेश गंगवार एक समर्पित कर्मचारी थे और उन्होंने एसआईआर का 46 प्रतिशत से अधिक काम पूरा कर लिया था। उन्होंने पीड़ित परिवार को हर संभव सरकारी मदद का आश्वासन दिया है। यह घटना कार्यस्थल पर कर्मचारियों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दबाव को रेखांकित करती है, खासकर जब वे व्यक्तिगत कठिनाइयों से भी जूझ रहे हों।
