बीआरए बिहार विश्वविद्यालय: खेल कैलेंडर जारी, बैडमिंटन से शुरू होंगी अंतर महाविद्यालय प्रतियोगिताएं
मुजफ्फरपुर। बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के खेल प्रेमियों और खिलाड़ियों के लिए अच्छी खबर है। शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए बहुप्रतीक्षित खेल कैलेंडर को आखिरकार प्रशासनिक मंजूरी मिल गई है। करीब चार महीने की देरी के बाद अब यह संशोधित कैलेंडर अगले सप्ताह जारी किया जाएगा, जिसके साथ ही अंतर महाविद्यालय खेलकूद प्रतियोगिताओं का आगाज बैडमिंटन से होगा। यह निर्णय विश्वविद्यालय के खेल गतिविधियों को फिर से पटरी पर लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
विश्वविद्यालय का खेल कैलेंडर जुलाई में ही तैयार कर लिया गया था, लेकिन प्रशासनिक स्वीकृति के इंतजार में चार महीने का लंबा समय बीत गया। इस देरी का खामियाजा खिलाड़ियों को भुगतना पड़ा। कैलेंडर जारी न होने के कारण बीआरए बिहार विश्वविद्यालय की टीम कई ईस्ट जोन इंटर यूनिवर्सिटी प्रतियोगिताओं में भाग नहीं ले सकी। पिछले महीने आयोजित ईस्ट जोन इंटर यूनिवर्सिटी कबड्डी पुरुष और महिला प्रतियोगिता में भी विश्वविद्यालय स्तर पर टीमें न बन पाने के कारण यहां के खिलाड़ी शामिल नहीं हो पाए थे, जिससे उनमें निराशा थी।
अब जारी होने वाले संशोधित कैलेंडर के अनुसार अंतर महाविद्यालय खेलकूद प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इसमें एथलेटिक्स (महिला और पुरुष वर्ग), बैडमिंटन (पुरुष), क्रिकेट (महिला), क्रिकेट (पुरुष), टेनिस (महिला और पुरुष), फुटबॉल (पुरुष), फुटबॉल (महिला), चेस (पुरुष), चेस (महिला), खो-खो (पुरुष) और खो-खो (महिला) जैसे प्रमुख खेल शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, पूर्व में तैयार कैलेंडर में अखिल भारतीय विश्वविद्यालय संघ (एआईयू) के कैलेंडर के अनुरूप संशोधन किया जाएगा। जिन प्रतियोगिताओं का आयोजन अक्टूबर और नवंबर में निर्धारित था, उन्हें अब बाद में आयोजित किया जाएगा, जिस पर भी सहमति बन गई है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने विभिन्न खेलों की मेजबानी की जिम्मेदारी भी कॉलेजों को सौंपने का निर्णय लिया है। पूर्व के कैलेंडर के अनुसार, शहर के प्रीमियर कॉलेजों के साथ-साथ अन्य जिलों में भी विभिन्न प्रतियोगिताओं की मेजबानी के लिए स्थल बनाए गए थे। इस कदम से न केवल खेलों का विकेंद्रीकरण होगा, बल्कि अधिक से अधिक छात्र-छात्राओं को खेल गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिलेगा। खिलाड़ियों को उम्मीद है कि अब वे अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकेंगे और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व कर पाएंगे।
