बिजली बिल बकाएदारों को बड़ी राहत: मूलधन और ब्याज दोनों में मिलेगी छूट
उत्तर प्रदेश सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत प्रदान करने का निर्णय लिया है। पहली बार, राज्य सरकार ने बिजली बिल के बकाएदारों के लिए एक ऐसी योजना पेश की है, जिसमें उन्हें न केवल ब्याज पर पूर्ण छूट मिलेगी, बल्कि मूलधन के एक हिस्से में भी राहत दी जाएगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य बड़ी संख्या में बकाया बिल वाले उपभोक्ताओं को भुगतान के लिए प्रेरित करना और बिजली राजस्व संग्रह में सुधार लाना है।
सूत्रों के अनुसार, यह योजना शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के बिजली उपभोक्ताओं के लिए 1 दिसंबर से लागू हो रही है। पहले चरण में, उपभोक्ताओं को बकाया राशि पर लगने वाले ब्याज पर 100% की छूट मिलेगी, साथ ही मूलधन में भी 25% की छूट का लाभ उठाया जा सकेगा। इस योजना का लाभ उठाने के लिए, उपभोक्ताओं को केवल 2,000 रुपये के पंजीकरण शुल्क के साथ आवेदन करना होगा और 30 दिनों के भीतर शेष राशि का भुगतान करना होगा।
इस योजना से प्रदेश के लगभग तीन लाख 20 हजार बिजली उपभोक्ताओं को लाभ मिलने की उम्मीद है। इनमें शहरी और नगर पंचायतों के करीब 40 हजार उपभोक्ता शामिल हैं। अधीक्षण अभियंता के अनुसार, इस योजना को तीन चरणों में लागू किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें। पहला चरण 1 दिसंबर से 31 दिसंबर तक चलेगा, जिसमें एकमुश्त समाधान और मूलधन पर 25% छूट का प्रावधान है, बशर्ते 30 दिनों के भीतर पूरा भुगतान किया जाए।
दूसरे चरण में, जो 1 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक चलेगा, उपभोक्ताओं को 750 रुपये प्रतिमाह की दर से भुगतान का विकल्प दिया जाएगा। तीसरा और अंतिम चरण 1 फरवरी से 28 फरवरी तक होगा। यह महत्वपूर्ण है कि प्रत्येक चरण में छूट की राशि कम होती जाएगी, इसलिए उपभोक्ताओं को जल्द से जल्द योजना का लाभ उठाने की सलाह दी गई है। यह योजना विशेष रूप से घरेलू कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं के लिए फायदेमंद है, जिनका बिजली कनेक्शन एक किलोवाट या दो किलोवाट तक का है। इसके अतिरिक्त, एक किलोवाट कनेक्शन वाले वाणिज्यिक उपभोक्ता भी इस छूट का लाभ उठा सकते हैं। यह योजना उन लोगों के लिए है जिन्होंने 31 मार्च 2025 से पहले भुगतान नहीं किया था या जिन्होंने पहले कभी भुगतान नहीं किया है।
