बिहार में शिक्षकों के आकस्मिक अवकाश पर शिक्षा विभाग का नया फरमान
गोपालगंज जिले के सरकारी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के लिए आकस्मिक अवकाश (सीएल) के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। शिक्षा विभाग द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, अब प्राथमिक विद्यालयों में प्रतिदिन केवल एक शिक्षक ही आकस्मिक अवकाश पर जा सकेगा। वहीं, मध्य और उच्च विद्यालयों में यह संख्या अधिकतम दो शिक्षकों तक सीमित रहेगी। विभाग का मानना है कि इस निर्णय से विद्यालयों में पठन-पाठन की प्रक्रिया सुचारू बनी रहेगी और छात्रहित प्रभावित नहीं होगा।
जिला शिक्षा कार्यालय ने शुक्रवार को सभी प्राथमिक, मध्य और उच्च विद्यालयों के प्रधान शिक्षकों एवं प्रधानाध्यापकों को इस आदेश से अवगत करा दिया है। नए नियमों के तहत, शिक्षक अब मनमाने ढंग से अवकाश का लाभ नहीं उठा पाएंगे। यदि किसी विशेष परिस्थिति में निर्धारित संख्या से अधिक शिक्षकों को अवकाश की आवश्यकता पड़ती है, तो इसके लिए प्रधान शिक्षक या प्रधानाध्यापक को जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) से पूर्व अनुमति प्राप्त करनी होगी।
इन नए दिशानिर्देशों के अनुसार, शिक्षकों को आकस्मिक अवकाश के लिए एक दिन पूर्व लिखित सूचना देना अनिवार्य होगा। साथ ही, एक शिक्षक महीने में अधिकतम एक बार और केवल दो दिनों के लिए ही आकस्मिक अवकाश का लाभ उठा सकेगा। अवकाश आवेदन की स्वीकृति तभी दी जाएगी जब अवकाश के कारण की ठोस जांच की जाएगी। प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया गया है कि वे आकस्मिक अवकाश पंजी का सुव्यवस्थित रख-रखाव सुनिश्चित करें।
जिला शिक्षा पदाधिकारी योगेश कुमार ने इस संबंध में कहा कि विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों को निर्बाध रूप से संचालित करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अधिक संख्या में शिक्षकों की उपस्थिति से निश्चित रूप से पठन-पाठन की गुणवत्ता में सुधार आएगा। इसी को ध्यान में रखते हुए, अवकाश संबंधी इन आदेशों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
