बिहार की राजनीति में गरमाई हलचल: नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज
बिहार की राजनीति में इन दिनों गहमागहमी का माहौल है, जहां नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यपाल से मिलकर विधानसभा भंग करने की सिफारिश की है, जिसके बाद से राजनीतिक सरगर्मियां और तेज हो गई हैं। दोनों प्रमुख गठबंधन, NDA और महागठबंधन, अपनी-अपनी रणनीतियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।
NDA गठबंधन में मंत्रिमंडल के बंटवारे और उपमुख्यमंत्री के नाम को लेकर गहन विचार-विमर्श चल रहा है। संभावित मंत्रियों की सूची और विभागों के आवंटन पर चर्चाएं जारी हैं, ताकि जल्द से जल्द सरकार का गठन किया जा सके। वहीं, महागठबंधन में हालिया विधानसभा चुनाव में मिली हार के कारणों पर मंथन किया जा रहा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता हार की समीक्षा कर रहे हैं और भविष्य की रणनीति पर विचार कर रहे हैं।
इस राजनीतिक हलचल के बीच, लालू परिवार में चल रही उठापटक ने भी सियासत को गरमा दिया है। रोहिणी आचार्य को लेकर आ रही प्रतिक्रियाओं ने इस मुद्दे को और हवा दी है, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है।
एक तरफ जहां नई सरकार के गठन की प्रक्रिया चल रही है, वहीं दूसरी ओर बिहार चुनाव में मिली करारी हार के बाद ‘जन सुराज’ के सूत्रधार प्रशांत किशोर आज एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगे। सुबह 11:30 बजे पाटलिपुत्र गोलंबर स्थित जन सुराज कैंप में होने वाली इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में, प्रशांत किशोर बिहार की राजनीति के भविष्य और ‘जन सुराज’ की आगामी रणनीति पर कई अहम बिंदुओं पर प्रकाश डालेंगे। उन्होंने अपने समर्थकों, कार्यकर्ताओं और मीडिया बंधुओं से समय पर उपस्थित रहने का आग्रह किया है।
इस बीच, राजनीतिक बयानों का दौर भी जारी है। कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने तेजस्वी यादव के विपक्ष के नेता चुने जाने पर बधाई देते हुए कहा कि यह जनादेश नहीं, बल्कि ज्ञानादेश है। वहीं, JDU नेता नीरज कुमार ने तेजस्वी यादव पर तंज कसते हुए कहा कि अब उन्हें EVM में गड़बड़ी दिखेगी और जनता ऐसी राजनीति पर भरोसा नहीं करेगी।
बिहार की राजनीति में हो रहे इन घटनाक्रमों पर दैनिक जागरण की नजर बनी हुई है और हम आपको हर पल की अपडेट देते रहेंगे।
