बदलता मौसम बना जानलेवा: सर्दी, जुकाम और वायरल बुखार का प्रकोप जारी
जिले में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है, जिसका सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन सर्दी, खांसी, जुकाम और वायरल बुखार से पीड़ित मरीजों की भीड़ उमड़ रही है। बदलते मौसम के साथ-साथ डायरिया जैसी पेट संबंधी बीमारियों ने भी लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है। बुधवार को पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत लेकर आए 42 मरीजों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कर उपचार शुरू किया गया।
जिला अस्पताल की ओपीडी में बुधवार को कुल 1057 मरीजों ने चिकित्सक को दिखाने के लिए पर्चे बनवाए। इनमें से 175 मरीजों में वायरल बुखार की पुष्टि हुई, जो कि वयस्कों के साथ-साथ बच्चों में भी तेजी से फैल रहा है। इसके अतिरिक्त, 135 मरीज सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित पाए गए, जिन्हें चिकित्सकों ने उचित दवाएं लिखकर घर भेजा। मौसम में आती ठंडक के कारण सांस के मरीजों की परेशानी और भी बढ़ गई है, और वे स्वास्थ्य केंद्रों पर इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
चिकित्सकों के अनुसार, सर्दी का मौसम आमतौर पर स्वास्थ्य के लिए अच्छा माना जाता है, लेकिन इस बार मौसम में अचानक आए बदलाव और लोगों की लापरवाही के कारण बीमारियां तेजी से फैल रही हैं। विशेष रूप से बच्चे और बुजुर्ग इस बदलते मौसम में रोगों का आसानी से शिकार हो रहे हैं। जुकाम और खांसी के साथ-साथ वायरल फीवर के मामले भी प्रतिदिन सामने आ रहे हैं।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजीव सक्सेना ने बताया कि बदलते ठंड के मौसम को देखते हुए सभी नागरिकों को विशेष एहतियात बरतने की आवश्यकता है। उन्होंने सलाह दी कि सुबह और शाम के समय ऊनी वस्त्रों का प्रयोग अवश्य करें। मौसम के अनुसार अपने खान-पान और पहनावे में बदलाव करना स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है। उचित सावधानी बरतकर इन बीमारियों से काफी हद तक बचा जा सकता है। लोगों को भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचने और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की भी सलाह दी गई है।
