बांका में पहली बार चिप्स-फ्रेंच फ्राई वाले खास आलू की खेती, 75% अनुदान का लाभ
बांका जिले के किसानों के लिए एक नई उम्मीद जगी है। अब जिले में पहली बार चिप्स और फ्रेंच फ्राई बनाने के लिए खास किस्म के आलू ‘लेडी रोसेटा’ की खेती की जाएगी। उद्यान विभाग की सब्जी विकास योजना के तहत इस पहल को आगे बढ़ाया जा रहा है, जिसमें किसानों को बीज की खरीद पर 75% तक का भारी अनुदान दिया जा रहा है।
इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए कुल 97 किसानों का चयन किया गया है, जिन्हें राजस्थान की उन्नत किस्म माने जाने वाले ‘लेडी रोसेटा’ आलू के बीज उपलब्ध कराए गए हैं। इस साल जिले में लगभग 40 हेक्टेयर भूमि पर इस विशेष आलू की खेती का लक्ष्य रखा गया है। किसानों का चयन ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर किया गया था, जिन्होंने ऑनलाइन आवेदन किया था।
कृषि विभाग द्वारा प्रति हेक्टेयर खेती की लागत 1,25,150 रुपये निर्धारित की गई है। इस लागत पर किसानों को 75% यानी लगभग 94,000 रुपये का अनुदान दिया जा रहा है। एक किसान को न्यूनतम 0.25 एकड़ से लेकर अधिकतम दो हेक्टेयर तक की खेती के लिए अनुदानित दर पर बीज प्रदान किया गया है। उद्यान विभाग के अधिकारियों के अनुसार, एक हेक्टेयर में खेती के लिए लगभग 30 क्विंटल बीज की आवश्यकता होती है।
यह विशेष आलू किस्म किसानों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है। इसकी खेती मात्र 100 से 110 दिनों में पूरी हो जाती है, जिससे किसान जल्दी अपनी फसल बेच सकते हैं। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसका लाल छिलका और मजबूत सतह है, जिसके कारण गलन की समस्या कम होती है और भंडारण आसान हो जाता है। यह चिप्स, कुरकुरे और अन्य प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों के निर्माण के लिए आदर्श माना जाता है।
प्रसंस्करण उद्योगों में इस किस्म के आलू की उच्च मांग के कारण बाजार में इसकी कीमत अन्य सामान्य आलूओं की तुलना में अधिक मिलने की संभावना है। विभाग इस बात का भी ध्यान रख रहा है कि किसानों को अपनी उपज की मार्केटिंग में किसी भी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े। इस नई पहल से बांका जिले के किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार आने की प्रबल उम्मीद जताई जा रही है।
