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बाल विवाह के खिलाफ कैंडल मार्च, समाज को किया जागरूक

By Nov 29, 2025

जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने की दिशा में नव भारतीय नारी विकास समिति ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। समिति द्वारा चलाए जा रहे 100 दिवसीय गहन जागरूकता अभियान के तहत शुक्रवार देर शाम शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक कैंडल मार्च निकालकर लोगों को बाल विवाह के खिलाफ आवाज उठाने और इसे रोकने के लिए प्रेरित किया गया। इस दौरान विभिन्न समुदायों के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के उन्मूलन का संकल्प लिया।

अभियान के तहत, समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि बाल विवाह मुक्त भारत अभियान को एक वर्ष पूरा हो गया है, जिसके उपलक्ष्य में स्कूलों, ग्रामीण समुदायों और अन्य संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। साथ ही, पूरे जिले में जगह-जगह शपथ समारोह भी संपन्न हुए। लोगों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के प्रावधानों से अवगत कराते हुए समझाया गया कि कानून के अनुसार, बाल विवाह में किसी भी प्रकार से सहयोग करने वाले, जैसे कि मेहमान, कैटरर्स, टेंट स्वामी, बैंडबाजा संचालक और सजावट करने वाले, सभी पर कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है।

सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों से संस्था कानून प्रवर्तन एजेंसियों और जिला प्रशासन के साथ मिलकर काम कर रही है। इस समन्वय के परिणामस्वरूप, न केवल बड़ी संख्या में विवाह रोके गए हैं, बल्कि ग्रामीणों को बाल विवाह के गंभीर सामाजिक और कानूनी परिणामों के बारे में भी जागरूक किया गया है।

सौ दिन के इस गहन जागरूकता अभियान को तीन चरणों में विभाजित किया गया है। पहले चरण का समापन 31 दिसंबर को होगा, जिसमें स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों में जागरूकता फैलाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। दूसरे चरण की शुरुआत एक जनवरी से होगी और यह 31 जनवरी तक चलेगा, जिसमें मंदिर, मस्जिद, चर्च और गुरुद्वारों जैसे धार्मिक स्थलों पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस प्रकार, समिति समाज के हर वर्ग तक पहुंचकर बाल विवाह के खिलाफ एक मजबूत संदेश देने का प्रयास कर रही है।

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