बागपत की हवा जहरीली: AQI 295 पार, सांस के मरीजों की कतारें
बागपत जिले की हवा में प्रदूषण का स्तर खतरनाक रूप से बढ़ गया है, जिससे आमजन का स्वास्थ्य गंभीर खतरे में है। मंगलवार को जिले का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 295 पर पहुँच गया, जो कि बेहद खराब श्रेणी में आता है। शाम छह बजे के आसपास तो स्थिति और भी विकट हो गई जब AQI 406 के पार चला गया, हालांकि बाद में इसमें कुछ गिरावट आई।
वायु प्रदूषण में हो रही इस वृद्धि का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर दिख रहा है। जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHCs) और जिला अस्पतालों में सांस लेने में तकलीफ, अस्थमा के दौरे, गले में खराश, आंखों में जलन और एलर्जी जैसी शिकायतों से पीड़ित मरीजों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। डॉक्टरों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों को घर के अंदर रहने और यदि बाहर निकलना आवश्यक हो तो उच्च गुणवत्ता वाले मास्क पहनने का सुझाव दिया है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें और अपने घरों में एयर प्यूरीफायर का उपयोग करें।
प्रशासनिक स्तर पर वायु प्रदूषण को कम करने के दावों के बावजूद, जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तहत एंटी-स्मॉग गन और वाटर स्प्रिंकलर टैंकरों के माध्यम से धूल नियंत्रण के उपाय किए जाने के दावे किए गए थे, लेकिन इनका प्रभाव सीमित ही नजर आ रहा है। उड़ती धूल को नियंत्रित करने के लिए पानी का छिड़काव जैसे कदम उठाए जाने की बात कही गई है, लेकिन प्रदूषण का स्तर लगातार चिंता बढ़ा रहा है। यह स्थिति दर्शाती है कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए और अधिक ठोस और प्रभावी कदमों की आवश्यकता है।
