विदेशी कपल पर हमला: दतिया में लुटेरों ने किया गैंगरेप, पर्स से मिले सुराग से पुलिस ने 10 दिन में पकड़े आरोपी
दतिया के एक गांव में साइकिल से भारत घूमने निकले विदेशी जोड़े जॉनसन और एमा पर 6-7 लोगों ने हमला कर दिया। बदमाशों ने लाठी-डंडों से लैस होकर कैंप में घुसकर दंपति से लूटपाट की और फिर गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया। जंगल में मदद के लिए चीखने के बावजूद किसी ने उनकी आवाज नहीं सुनी। वारदात के बाद बदमाश उनका सामान लूटकर जंगल में गायब हो गए।
पीड़ित विदेशी दंपति मदद के लिए हाईवे पर पहुंचा, जहां से देवेंद्र और उनके साथियों ने उन्हें दतिया सिविल लाइन थाने पहुंचाया। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की, लेकिन बदमाशों की पहचान और कोई सुराग न होने से पुलिस के लिए चुनौती बढ़ गई थी। घटनास्थल पर सीसीटीवी कैमरे नहीं थे और विदेशी पर्यटक हमलावरों को पहचान नहीं पा रहे थे। वे सिर्फ इतना बता सके कि हमलावर हिंदी में बात कर रहे थे।
इस वारदात ने पर्यटकों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए। मामला गंभीर होने के कारण पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए कार्रवाई शुरू की। घटना के दो-तीन घंटे के अंदर एफआईआर दर्ज कर ली गई और दंपति के बयान लिए गए। थाना निरीक्षक आरके सिंह ने घटनास्थल का मुआयना किया, जहां टेंट और सामान बिखरा हुआ मिला। कुछ सामान लूटा गया था, लेकिन अंधेरे के कारण कोई सबूत हाथ नहीं लगा।
अगले दिन एमा को मेडिकल जांच के लिए ग्वालियर भेजा गया। पुलिस ने घटनास्थल का दोबारा निरीक्षण किया और गांव के लोगों से पूछताछ की, लेकिन किसी से कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस को केवल सबूतों पर ही भरोसा था। इसी दौरान, एक पुलिसकर्मी को घटनास्थल पर एक पर्स मिला, जिसमें दो व्यक्तियों, नितिन और विष्णु के वोटर आईडी कार्ड थे।
इस पर्स ने मामले को सुलझाने में अहम भूमिका निभाई। पते के आधार पर पुलिस ने उनके घरों पर छापे मारे और घटना के दो दिन बाद, 17 मार्च को नितिन और विष्णु कंजर को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में वे अपना बचाव नहीं कर पाए। कड़ाई से पूछताछ के बाद पांच अन्य आरोपियों – रामकंजर, ऋषि बाबा कंजर, भूटा घनश्याम और बृजेश के नाम सामने आए, जिनकी उम्र 20 से 22 साल के बीच थी। इन्हें भी घटना के दो दिन बाद गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए 10 दिनों के अंदर जांच पूरी कर ली और 6 आरोपियों के खिलाफ लूट और गैंगरेप का आरोप तय करते हुए चार्जशीट कोर्ट में पेश कर दी। रामकंजर के पास से एक बंदूक भी बरामद हुई, जिसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया गया। कोर्ट में एमा ने अपनी आपबीती सुनाई, जिसमें उसने बताया कि कैसे उसके हाथ बांध दिए गए थे और वह असहाय महसूस कर रही थी।
