टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में हथियारों की सप्लाई करने वाले नेटवर्क का खुलासा | crime news
बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हाल ही में हुई फायरिंग की घटना की जांच में एक नया और चौंकाने वाला मोड़ आया है। पुलिस की तफ्तीश में इस बात का खुलासा हुआ है कि इस सनसनीखेज वारदात के लिए हथियारों की खेप पहुंचाने के वास्ते एक जटिल नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया था। इस आपराधिक साजिश में पुरुषों के साथ-साथ दो महिलाओं की संलिप्तता भी सामने आई है, जिन्होंने हथियारों से भरा बैग एक शहर से दूसरे शहर तक पहुंचाया।
जांच के अनुसार, मुख्य सूत्रधार अनिल पंडित के निर्देश पर हरियाणा के सोनीपत निवासी कुणाल और सुमित को हथियार जुटाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। आरोपियों ने सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देने के लिए ‘डेड लेटर बॉक्स’ तकनीक का सहारा लिया, जिसके तहत हथियारों को सीधे लेने के बजाय एक तय गुप्त स्थान पर रखा गया था और वहां से उठाया गया। इस पूरी प्रक्रिया मेंसख्त गोपनीयता बरतने के लिए एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल किया गया ताकि किसी भी स्तर पर सीधा संपर्क उजागर न हो सके।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार की गई दोनों महिलाएं सोनीपत की एक फैक्ट्री में काम करती हैं। मुख्य आरोपी कुणाल ने अपनी गर्लफ्रेंड राधा को बबिता के साथ इस खतरनाक काम के लिए तैयार किया था। दोनों महिलाओं को 15 अक्टूबर को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से मुंबई के लिए रवाना किया गया था, जिनके पास मौजूद बैग में अवैध पिस्तौल छिपाई गई थी। सत्रह अक्टूबर को दादर पहुंचने के बाद एक नाबालिग को यह बैग सौंप दिया गया, जिसके अगले दिन टाइगर श्रॉफ के आवास के बाहर फायरिंग की गई।
इस तरह के मामलों से जुड़े खुलासे न केवल संगठित अपराध की बदलती रणनीतियों को बेनकाब करते हैं, बल्कि यह भी दर्शाते हैं कि अपराधी अब आसानी से संदेह के घेरे में न आने वाले मोहरों का इस्तेमाल कर रहे हैं। फिलहाल, महाराष्ट्र और हरियाणा पुलिस सभी आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य चेहरों को भी बेनकाब किया जा सके।
