NEET पेपर लीक पर अखिलेश का वार, बोले- छात्रों की मांगें मानी जाएं, शिक्षा मंत्री दें इस्तीफा
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर अहंकार में काम करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि नीट (NEET) पेपर लीक सरकार की नाकामी है, जिसके कारण परीक्षा दोबारा करानी पड़ी। उन्होंने मांग की है कि सरकार छात्रों और नौजवानों की मांगों को स्वीकार करे। अखिलेश यादव ने कहा कि जब तक शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते, तब तक समाजवादी पार्टी सदन में इस मुद्दे को उठाती रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि नीट परीक्षा लीक के बाद जिन छात्रों की जान गई है, सरकार को उन परिवारों की मांगों को पूरा करना चाहिए।
अखिलेश यादव ने गुरुवार को बातचीत में कहा कि भाजपा सरकार किसी की बात सुनने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार की जिम्मेदारी है कि वह जनता की बात सुने। यदि सरकार अन्याय और दबाव बनाएगी, तो यह चलने वाला नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है और उनके शासन में लगातार पेपर लीक हो रहे हैं। उन्होंने केंद्र और उत्तर प्रदेश में पेपर लीक को लेकर प्रतिस्पर्धा चलने का तंज कसा और सवाल उठाया कि क्या पेपर लीक हो नहीं रहे या फिर जानबूझकर कराए जा रहे हैं। उनका मानना है कि भाजपा सरकार छात्रों को नौकरी और आरक्षण नहीं देना चाहती है।
सपा प्रमुख ने पुलिस द्वारा शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों और बच्चियों के कपड़े फाड़ने की घटना की निंदा की और सरकार पर हिटलर की तरह काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हिटलर भी अपने राजनीतिक विरोधियों पर कार्रवाई के लिए पुलिस की वर्दी का इस्तेमाल करता था। उन्होंने सादे कपड़ों में लाठीचार्ज की खबरों की जांच की मांग की।
अखिलेश ने जौहर विश्वविद्यालय को बचाने के अभियान में पूर्ण समर्थन देने की बात कही और कहा कि इतिहास गवाह है कि विश्वविद्यालय तोड़ने वाले कभी अपने नहीं रहे। उन्होंने उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर नकारात्मकता का नया इतिहास लिखने का आरोप लगाया और कहा कि भाजपा सरकार छात्र, नौजवान और शिक्षा विरोधी है, जिसने नौजवानों का भविष्य बर्बाद कर दिया है। उनके एजेंडे में शिक्षा, नौकरी और रोजगार शामिल नहीं है। इस घटना का सीधा असर देश भर के लाखों छात्रों के भविष्य और शिक्षा प्रणाली में विश्वास पर पड़ रहा है।
