अखिलेश यादव का BJP पर तीखा हमला, कहा- ‘बहन-बेटियों’ पर अत्याचार देख भी वोट देंगे?
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ‘डबल इंजन’ सरकार के दावों पर सवाल उठाते हुए एक बेहद हमलावर पोस्ट साझा किया है। उन्होंने भाजपा शासित राज्यों की कथित विफलताओं की एक लंबी सूची जारी की और जनता से सीधा सवाल किया कि क्या वे अब भी ‘साम्प्रदायिकता का चश्मा’ पहनकर भाजपा को वोट देंगे?
अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट की शुरुआत में उन लोगों को निशाने पर लिया जो भाजपा को आंख बंद करके समर्थन देते हैं। उन्होंने कहा कि अगर उनमें रत्ती भर भी मानवता, विवेक या संवेदना बची है तो वे अपने घर की बहन-बेटियों की ओर देखने के बाद आईने में खुद से सवाल करें। उन्होंने भाजपा शासित राज्यों को ‘डबल इंजन’ के बजाय भ्रष्टाचार, नफरत और अपराध का केंद्र बताया।
सपा प्रमुख ने भाजपा शासित राज्यों की घटनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा दिया। उन्होंने उत्तराखंड में महिलाओं के लिए न्याय की गुहार और उत्तर प्रदेश में जहरीले सिरप से हो रही मौतों का मुद्दा उठाया। साथ ही, यूपी में जीएसटी अधिकारी के घर से करोड़ों की नकदी मिलने पर ‘ईमानदार टैक्स सिस्टम’ के दावों पर तंज कसा। उन्होंने मध्य प्रदेश में दलितों पर अत्याचार और बाबा साहेब की तस्वीरें जलाए जाने का जिक्र किया।
अखिलेश यादव ने महाराष्ट्र में विपक्षी उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने से रोकने और ‘निर्विरोध’ चुनाव जीतने के ‘इत्तफाक’ पर सवाल उठाए। बिहार में शराबबंदी के बावजूद अवैध शराब की बिक्री और भ्रष्टाचार का मुद्दा गर्म किया। राजस्थान, गुजरात और हरियाणा को लेकर अरावली को बचाने की लड़ाई और किसानों द्वारा फैक्ट्री की दीवारें तोड़ने जैसी घटनाओं को गिनाकर सरकार को घेरा।
उन्होंने छत्तीसगढ़ और ओडिशा में अल्पसंख्यकों के त्योहारों पर हमले और आदिवासियों की जमीन लूटे जाने के आरोप लगाए। अखिलेश यादव ने अंत में जनता से अपील की कि यदि उन्हें कुछ और समझ नहीं आ रहा, तो वे कम से कम अपने घर के बेरोजगारों की हताशा, घटते कारोबार और चारों ओर व्याप्त नफरती-हिंसक सामाजिक वातावरण के बारे में सोचें। उन्होंने चेतावनी दी कि साम्प्रदायिक उन्माद और महिलाओं व पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समाज पर हो रहे अत्याचार देश के भविष्य को अंधकार में धकेल रहे हैं।
