हरियाणा में AI क्रांति: सरकारी दफ्तरों में एंट्री, 31 जनवरी को चंडीगढ़ में मेगा वर्कशॉप
हरियाणा सरकार कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) को सरकारी दफ्तरों और उद्योगों में एकीकृत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठा रही है। इसी क्रम में, 31 जनवरी को चंडीगढ़ में एक राज्य स्तरीय कार्यशाला-सेमीनार का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन द इंडस एंटरप्रेन्योर्स (TiE) के सहयोग से किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य AI के तकनीकी ज्ञान को बढ़ावा देना और इसके व्यावहारिक उपयोगों को समझाना है।
AI का बढ़ता महत्व
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंचकूला और गुरुग्राम को AI हब बनाने की महत्वाकांक्षी घोषणा की है, और यह कार्यशाला इसी योजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस कार्यशाला में देश-विदेश के लगभग तीन दर्जन तकनीकी विशेषज्ञ भाग लेंगे और AI के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी साझा करेंगे। विशेष रूप से चैट जीपीटी जैसे AI उपकरणों के उपयोग पर भी प्रकाश डाला जाएगा।
उद्योगों और सरकारी कार्यों को गति
कार्यशाला का लक्ष्य यह स्पष्ट करना है कि AI के बिना उद्योग और सरकारी कामकाज में प्रगति संभव नहीं है। AWS, Google, Accenture, World Bank और Microsoft जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के विशेषज्ञ AI के विकास और विभिन्न क्षेत्रों में इसके अनुप्रयोगों पर चर्चा करेंगे। पंचकूला और ट्राइसिटी क्षेत्र के वैश्विक प्रभाव को बढ़ाने और AI पर काम करके निर्यात को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया जाएगा।
स्टार्टअप्स और महिला उद्यमियों को बढ़ावा
सरकार पंचकूला IT पार्क में स्थित AI स्टार्टअप्स को अपने उत्पादों और सेवाओं को प्रदर्शित करने के लिए मंच प्रदान करेगी। महिला उद्यमियों द्वारा संचालित AI व्यवसायों को वित्तपोषण और बाजार तक पहुँचने में सहायता देने का भी प्रयास किया जाएगा। यह कदम हरियाणा के स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करेगा, जिसे हाल ही में जयपुर में आयोजित डिजीफेस्ट में सराहा गया था।
शैक्षणिक संस्थानों की भागीदारी
प्रतिभा विकास के लिए, हरियाणा के पांच से दस प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों को इस पहल में शामिल किया जाएगा। इनमें NIT कुरुक्षेत्र, IIM रोहतक, गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय हिसार, IIIT सोनीपत, पानीपत इंजीनियरिंग संस्थान और महर्षि मार्कंडेय मुल्लाना विश्वविद्यालय शामिल हैं। इन संस्थानों के माध्यम से AI के क्षेत्र में कुशल पेशेवरों को तैयार किया जाएगा।
