आगरा: जलती चिता से निकाला शव, मुस्लिम प्रेमिका का प्रेमी पति हिरासत में
आगरा जिले में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने एक जलती हुई चिता से एक महिला का शव बाहर निकाला। यह घटना किरावली क्षेत्र के जाजऊ श्मशान घाट की है, जहाँ एक विवाहिता सना उर्फ मोहिनी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद उसके ससुराल पक्ष पर बिना पोस्टमार्टम कराए शव का अंतिम संस्कार कर साक्ष्य मिटाने का प्रयास करने का आरोप है। मृतका के पिता, निजाम, ने हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की।
पुलिस के अनुसार, करीब छह साल पहले अजीत नामक युवक ने निजाम की तब नाबालिग बेटी सना (उस समय 15 वर्ष) को बहला-फुसलाकर भगा ले गया था और उसका नाम बदलकर मोहिनी रख दिया था। दोनों ने प्रेम विवाह किया था और उनकी एक बच्ची भी है। पिता का आरोप है कि शादी के बाद से ही सना का उत्पीड़न किया जा रहा था। बुधवार दोपहर को जब पिता को अपनी बेटी की मौत और आनन-फानन में अंतिम संस्कार की सूचना मिली, तो उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित किया।
सूचना मिलते ही फतेहपुर सीकरी थाना प्रभारी आनंदवीर सिंह पुलिस बल के साथ श्मशान घाट पहुंचे। उस समय चिता जल रही थी। पुलिस ने तत्काल शव को चिता से बाहर निकलवाया और दाह संस्कार रुकवा दिया। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मौत का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल, मृतका के पति अजीत को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि अन्य ससुराल वाले फरार हैं जिनकी तलाश जारी है। इस घटना ने स्थानीय समुदाय को झकझोर कर रख दिया है और यह सवाल खड़ा किया है कि क्या न्याय मिलेगा।
