अवैध खनन में लेखपाल की भूमिका संदिग्ध, Kanpur में जांच शुरू
बरईगढ़ में सरकारी जमीनों पर बड़े पैमाने पर हुए अवैध खनन का मामला सामने आया है। माड़ेपुर के अंकुर शुक्ला द्वारा मुख्यमंत्री से की गई शिकायत के बाद हुई जांच में अवैध खनन की पुष्टि हुई है। जांच टीम को इस दौरान बरईगढ़ के लेखपाल की भूमिका संदिग्ध मिली है।
एसडीएम नर्वल विवेक मिश्रा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए लेखपाल की भूमिका की जांच की जिम्मेदारी तहसीलदार नर्वल को सौंपी है। इस बीच, जिन सरकारी जमीनों पर खनन हुआ है, वहां के संबंधित खातेदारों के विरुद्ध जुर्माने के नोटिस जारी कर दिए गए हैं। ग्रामीणों ने जांच टीम को बताया कि खनन से निकाली गई मिट्टी का उपयोग डिफेंस कॉरिडोर के लिए साढ़-सरसौल मार्ग के चौड़ीकरण में किया गया है।
यह मामला सार्वजनिक धन के दुरुपयोग और सरकारी भूमि के अतिक्रमण की ओर इशारा करता है, जिससे जनता के विश्वास को ठेस पहुंची है। जांच में अनियमितताएं पाए जाने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। बरईगढ़ झील और रिंद नदी के किनारे हुए अवैध खनन की शिकायत पर एसीपी घाटमपुर, खनन अधिकारी और तहसीलदार नर्वल ने संयुक्त रूप से जांच की थी। जांच टीम ने पाया कि झील से सटी कई सरकारी जमीनों पर खनन किया गया है।
एसडीएम नर्वल ने स्पष्ट किया है कि जो भी इस मामले में दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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