जमुई के जंगल से हथियारों का जखीरा बरामद, माओवादी कनेक्शन की आशंका से सनसनी
जमुई जिले के घोरपारण जंगल में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) को हथियारों और विस्फोटकों का एक बड़ा जखीरा मिला है, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई है। गुप्त सूचना के आधार पर चलाए गए डी-माइनिंग ऑपरेशन के दौरान, एसएसबी की टीम ने पटुआ नाला के पास से एक बोरे में संदिग्ध वस्तुएं बरामद कीं।
एसएसबी की 16वीं वाहिनी के कार्यवाहक कमांडेंट बांके बिहार के निर्देशन और निरीक्षक प्रदीप कुमार वर्मन के नेतृत्व में चलाए गए सर्च अभियान में देसी मस्कट रायफल, कमर्शियल डेटोनेटर, अमोनियम नाइट्रेट, नोजल स्टिक, लाइव राउंड और देसी मेड बम/हथगोले बरामद हुए।
बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वाड (बीडीडीएस) की मुजफ्फरपुर टीम ने मौके पर पहुंचकर बरामद विस्फोटकों को सुरक्षित रूप से नष्ट कर दिया। नष्ट किए गए बारूद के सैंपल को रासायनिक जांच के लिए सिमुलतला थाना पुलिस को सौंप दिया गया है।
यह इलाका पूर्व में माओवाद प्रभावित रहा है, और स्थानीय लोगों का मानना है कि यह हथियार और विस्फोटक पुराने माओवादी गतिविधियों से जुड़े हो सकते हैं। फरवरी माह में भी इसी क्षेत्र से लगभग 45 किलो विस्फोटक बरामद किए गए थे। सुरक्षा एजेंसियां हथियारों के स्रोत और इसके पीछे किसी भी माओवादी कनेक्शन की गहन जांच कर रही हैं। जंगल के अन्य हिस्सों में भी तलाशी अभियान जारी है, जिससे और सामग्री मिलने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
