यमुना पर आगरा मेट्रो पुल का निर्माण फिर शुरू, काम में आएगी तेजी
आगरा में यमुना नदी पर आगरा मेट्रो के महत्वाकांक्षी पुल का निर्माण कार्य पांच महीने की प्रतीक्षा के बाद आखिरकार फिर से शुरू हो गया है। उप्र मेट्रो रेल कारपोरेशन (यूपीएमआरसी) की टीम ने नदी के दोनों किनारों पर रिग मशीनों को तैनात कर दिया है, जिनसे वर्तमान में मिट्टी हटाने का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। उम्मीद है कि अगले दो से तीन दिनों के भीतर पाइलिंग का कार्य भी शुरू कर दिया जाएगा।
यह पुल, जिसकी अनुमानित लागत 200 करोड़ रुपये है, जीवनी मंडी वाटरवर्क्स के समीप बनाया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण संरचना के निर्माण में लगभग डेढ़ साल का समय लगने का अनुमान है। पुल के एक हिस्से से पानी की आवश्यक पाइपलाइन भी गुजारी जाएगी, जिससे यह एक बहुउद्देशीय निर्माण साबित होगा।
यह पुल आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक बनने वाले मेट्रो के दूसरे कॉरिडोर का एक अहम हिस्सा है। यह पूरा 16 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर 2080 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जा रहा है, जिसमें कुल 14 एलिवेटेड स्टेशन बनाए जाएंगे। प्रत्येक स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए फुट ओवर ब्रिज की भी व्यवस्था होगी, जिससे आवागमन सुगम बनेगा।
यमुना नदी पर पुल निर्माण का कार्य पहले मार्च में शुरू हुआ था, लेकिन जुलाई में नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण इसे रोकना पड़ा था। तब से लेकर अब तक कार्य बंद था। हाल ही में टीम द्वारा किए गए निरीक्षण के बाद कार्य को पुनः शुरू करने का निर्णय लिया गया।
संयुक्त महाप्रबंधक, जनसंपर्क के अनुसार, यमुना नदी पर पुल बनाने का कार्य अब जारी है और इसे डेढ़ साल में पूरा करने का लक्ष्य है। इसके लिए दो रिग मशीनों का उपयोग करके पाइलिंग की जाएगी और मजबूत पिलर तैयार किए जाएंगे।
इसके अतिरिक्त, एमजी रोड और नेशनल हाईवे-19 जैसे व्यस्ततम मार्गों पर मेट्रो के कार्य को रात के समय में तेजी से किया जाएगा, ताकि दिन में यातायात पर कम से कम प्रभाव पड़े। जाम की समस्या से बचने के लिए दिन के समय कार्य की गति धीमी रखी जाएगी और भारी वाहनों का प्रयोग भी सीमित किया जाएगा। निर्माण स्थल की बैरीकेडिंग और उसके आसपास के क्षेत्र की सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि कार्य सुचारू रूप से संपन्न हो सके।
