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सपेटा गांव का दर्द: आजादी के बाद भी सड़क नहीं, मरीज को पीठ पर पहुंचाया अस्पताल

By Nov 25, 2025

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले का सपेटा गांव आज भी आजादी के दशकों बाद मूलभूत सुविधाओं से कोसों दूर है। ब्लॉक मुख्यालय से मात्र डेढ़ से दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस गांव में सड़क जैसी अत्यंत आवश्यक सुविधा का न होना ग्रामीणों के लिए एक गंभीर समस्या बनी हुई है। विकास की धारा यहां तक नहीं पहुंच पाई है, जिससे कृषि पर निर्भर अधिकांश ग्रामीण सुविधाओं से वंचित हैं।

सड़क, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में ग्रामीणों को आए दिन मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। आपातकालीन स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रामीण आज भी पीठ, कंधे या डंडी कंडी का सहारा लेने को मजबूर हैं। यह स्थिति तब है जब गांव के लोग विकास की आस लगाए बैठे हैं।

हाल ही में, गत रविवार को सपेटा गांव की 80 वर्षीय केदारी देवी की तबियत अचानक गंभीर हो गई। गांव के लोगों ने एकजुट होकर उन्हें पीठ पर उठाकर अस्पताल पहुंचाया। यह घटना गांव की बदहाली और शासन-प्रशासन की अनदेखी को उजागर करती है। ग्रामीणों के अनुसार, स्कूल जाने वाले बच्चों को भी हर दिन लगभग दो किलोमीटर का पैदल सफर तय करना पड़ता है, और जो रास्ते हैं उनकी हालत भी बेहद खराब है। खड़ी चढ़ाई वाले इन पहाड़ी रास्तों पर घोड़े-खच्चर चलाना भी जोखिम भरा है, और पैदल चलने वालों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

गांव के सामाजिक कार्यकर्ता सोबन सिंह राणा, सोबेंद्र सिंह, बचन सिंह आदि ने बताया कि उन्होंने कई बार शासन-प्रशासन से गांव में सड़क निर्माण और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। ग्रामीणों ने एक बार फिर सरकार से अपील की है कि सपेटा गांव की समस्याओं का समाधान किया जाए और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद स्थितियां उत्पन्न न हों।

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