साहलगों की बहार: जाम और बसों की किल्लत से जूझते यात्री
इन दिनों सहालगों का मौसम अपने चरम पर है, जिसके चलते चारों ओर खुशियों का माहौल है। लेकिन इस खुशी के माहौल के बीच आम यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार को विशेष रूप से रोडवेज बसों की किल्लत ने यात्रियों को बेहाल कर दिया। आगरा, मथुरा और दिल्ली जैसे प्रमुख मार्गों पर बसों के न मिलने से यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा।
बसों की कमी के पीछे चालकों की अनुपलब्धता को एक मुख्य कारण बताया जा रहा है। जब कभी कोई बस स्टैंड पर आती, तो उसमें सीट पाने के लिए यात्रियों के बीच मारामारी की स्थिति देखी गई। सहालगों के चलते यात्रियों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि हो गई थी, जिससे बसों में क्षमता से अधिक भीड़ हो रही थी।
यात्रियों की परेशानी सिर्फ बसों तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि शहर की सड़कों पर भी जाम का आलम रहा। कासगंज-सोरों मार्ग दिन भर वाहनों की कतारों से जूझता रहा। जाम में फंसे लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में काफी देर हो रही थी, जिससे वे परेशान दिखाई दिए। इसी तरह, शहर के बाजारों में भी सहालगों के कारण खरीदारों की अच्छी भीड़भाड़ देखी गई, जिसके चलते बाजार भी पल-पल जाम से जूझते रहे।
यातायात पुलिस जाम को नियंत्रित करने और उसे खुलवाने के लिए कड़ी मशक्कत करती रही। सूत्रों के अनुसार, सहालगों के कारण अचानक बढ़े भीड़ के दबाव को संभालना यातायात पुलिस के लिए एक चुनौती साबित हुई। हालांकि, निगम के अधिकारियों का कहना है कि सभी उपलब्ध बसों को चलाया जा रहा था और दोपहर बाद भीड़ कम होने पर यात्रियों को होने वाली दिक्कतों को कम करने का प्रयास किया गया।
