NH 727 AA निर्माण: 1394 रैयतों को नोटिस, बिहार-यूपी की दूरी घटेगी
बेतिया में मनुआपुल से उत्तर प्रदेश के सेवरही तक राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) 727 AA के निर्माण की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। इस महत्वपूर्ण परियोजना के तहत 160.9391 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है, जिसके लिए 1394 रैयतों को नोटिस भेजा जा चुका है। हालांकि, नोटिस जारी होने के करीब तीन महीने बीत जाने के बाद भी किसी भी रैयत ने मुआवजे के लिए संपर्क नहीं किया है। कुछ रैयतों ने अपनी जमीन के लिए निर्धारित दर पर आपत्ति दर्ज कराई है।
सूत्रों के अनुसार, भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में यह ठहराव संभवतः हालिया चुनावों के कारण आया है, और उम्मीद है कि चुनाव परिणाम आने के बाद रैयत मुआवजे की प्रक्रिया के लिए आगे आएंगे। यह राष्ट्रीय राजमार्ग बेतिया के मनुआपुल को गंडक नदी के रास्ते उत्तर प्रदेश के सेवरही के तिवारी पट्टी से जोड़ेगा। कुल 29.24 किलोमीटर लंबे इस राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण के लिए चनपटिया, बैरिया, योगापट्टी और ठकराहां प्रखंडों में भूमि अधिग्रहण किया जाना है।
इस परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा गंडक नदी पर बनने वाला 11.24 किलोमीटर लंबा पुल होगा। इस सड़क और पुल के निर्माण से न केवल क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी, बल्कि बेतिया से उत्तर प्रदेश की यात्रा की दूरी भी काफी कम हो जाएगी। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि यह परियोजना विशेष रूप से दियारा क्षेत्र के लोगों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी।
भूमि अधिग्रहण पदाधिकारी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, नियमानुसार सभी रैयतों को उनकी अधिग्रहित भूमि का उचित मुआवजा प्रदान किया जाएगा। इस सड़क के पूरा होने से दियारा के गांवों का शहरी क्षेत्रों से सीधा संपर्क स्थापित होगा, जिससे वहां की लगभग 30,000 से अधिक आबादी की आर्थिक स्थिति में सुधार की उम्मीद है। यह परियोजना क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक परिदृश्य को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
