इथियोपियाई ज्वालामुखी की राख भारत से निकली, अब चीन की ओर बढ़ी
इथियोपिया के हायली गुब्बी ज्वालामुखी से उत्पन्न राख के विशाल बादल आज शाम लगभग 7:30 बजे तक भारतीय वायुमंडल से पूरी तरह विदा हो जाएंगे। भारतीय मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि ये राख के कण अब चीन की ओर बढ़ रहे हैं।
आरंभिक पूर्वानुमानों में इन राख के बादलों का प्रभाव भारत के कई हिस्सों, विशेषकर गुजरात, दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा पर दिखने की आशंका जताई गई थी। हालांकि, नवीनतम आंकड़ों और विश्लेषणों के अनुसार, इन क्षेत्रों में स्थिति में काफी सुधार हुआ है और अपेक्षित प्रभाव अब कम दिखाई देगा।
मौसम विभाग के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि राख के बादल तेजी से पूर्व दिशा की ओर खिसक रहे हैं और जल्द ही भारतीय आसमान से हट जाएंगे। उन्होंने आगे कहा कि वायुमंडलीय परिस्थितियां अनुकूल होने के कारण ये बादल अपेक्षा से अधिक तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, जिससे भारत पर उनका प्रभाव न्यूनतम रहेगा।
यह घटनाक्रम अंतरराष्ट्रीय वायुमंडलीय घटनाओं पर भारत की निगरानी क्षमता को दर्शाता है। ज्वालामुखी विस्फोटों से निकलने वाली राख न केवल स्थानीय वायु गुणवत्ता को प्रभावित करती है, बल्कि लंबी दूरी तक फैलकर विभिन्न देशों के मौसम पैटर्न और हवाई यातायात को भी प्रभावित कर सकती है।
हालांकि भारत पर इसका प्रभाव कम हो गया है, लेकिन यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि चीन और उसके आसपास के क्षेत्रों में इन राख के बादलों का क्या प्रभाव पड़ता है। वायुमंडलीय वैज्ञानिक इन बादलों की दिशा, घनत्व और संभावित प्रभावों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से निपटा जा सके।
