बिटकॉइन क्रैश का ट्रंप पर कहर, 9800 करोड़ रुपये साफ
दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन में आई अप्रत्याशित गिरावट ने जहां एक ओर लाखों निवेशकों को चिंता में डाल दिया है, वहीं इसका सीधा असर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की संपत्ति पर भी पड़ा है। फोर्ब्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, बिटकॉइन की कीमतों में आई भारी उथल-पुथल के चलते ट्रंप की कुल संपत्ति में 1.1 अरब डॉलर यानी लगभग 9,800 करोड़ रुपये की भारी कमी दर्ज की गई है।nnरिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप की कुल संपत्ति अब 6.2 अरब डॉलर (लगभग 55,251 करोड़ रुपये) रह गई है, जबकि सितंबर 2023 में यह 7.3 अरब डॉलर (लगभग 65,054 करोड़ रुपये) थी। इस गिरावट का मुख्य कारण उनकी अपनी टेक कंपनी, ट्रंप मीडिया एंड टेक्नोलॉजी ग्रुप (TMTG) के शेयरों में आई ऐतिहासिक गिरावट है। TMTG के शेयर, जो DJT टिकर पर ट्रेड करते हैं, पिछले शुक्रवार को क्रिप्टो बाजार में आई मंदी के साथ ही 10.18 डॉलर के अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर आ गए। पिछले एक महीने में यह शेयर 35% तक टूट चुका है, जबकि पिछले छह महीनों में कुल गिरावट 55% दर्ज की गई है।nnयह गिरावट सीधे तौर पर ट्रंप की नेटवर्थ को प्रभावित कर रही है। दिलचस्प बात यह है कि सितंबर 2025 तक ट्रंप की संपत्ति में तेजी से उछाल देखा गया था। एक साल के भीतर उनकी नेटवर्थ में 3 अरब डॉलर का इजाफा हुआ था, जिसके चलते वे फोर्ब्स 400 अमेरिकी अमीरों की सूची में 201वें स्थान पर पहुंचे थे। हालांकि, हालिया क्रिप्टो क्रैश ने उनकी इस बढ़त पर पानी फेर दिया है।nnसूत्रों के अनुसार, ट्रंप और उनके परिवार की आय का एक महत्वपूर्ण हिस्सा क्रिप्टो निवेश से जुड़ा हुआ है। उनका घोषित बिजनेस वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल, क्रिप्टो सेक्टर में एक बड़ा दांव था, जिसमें क्रिप्टो उद्यमी जस्टिन सन ने 75 मिलियन डॉलर का निवेश किया था। कंपनी ने 100 अरब WLFI टोकन जारी किए, जिनमें से 22.5 अरब टोकन एक ऐसी फर्म को आवंटित किए गए जिसमें ट्रंप की 70% हिस्सेदारी बताई जाती है। इन टोकन की लॉन्चिंग के समय कीमत 0.31 डॉलर थी, जो अब घटकर 0.158 डॉलर रह गई है, यानी टोकन का मूल्य आधा से भी कम हो गया है।nnआधिकारिक फाइलिंग के अनुसार, ट्रंप की कंपनी ने तीसरी तिमाही में 54.8 मिलियन डॉलर का घाटा दर्ज किया। अकेले बिटकॉइन होल्डिंग्स में ही 48 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ, हालांकि Cronos होल्डिंग से 33 मिलियन डॉलर का फायदा भी हुआ, लेकिन कुल मिलाकर वित्तीय संतुलन बिगड़ गया। भले ही ट्रंप ने राष्ट्रपति पद पर आने के बाद अपने व्यवसाय से खुद को अलग करने का दावा किया हो, लेकिन ताजा आंकड़े बताते हैं कि क्रिप्टो से जुड़ी कंपनियों का प्रभाव अभी भी उनकी संपत्ति पर भारी पड़ रहा है।”
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