WBSSC ने 300 शिक्षकों को अयोग्य ठहराया, फर्जी प्रमाण पत्रों का खुलासा
पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (WBSSC) ने शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में बड़ा कदम उठाते हुए 300 अभ्यर्थियों को अयोग्य करार दिया है। इन अभ्यर्थियों ने उच्च माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों के पद के लिए आयोजित भर्ती परीक्षा उत्तीर्ण की थी, लेकिन जांच में पाया गया कि उन्होंने पढ़ाने के अनुभव के फर्जी प्रमाण पत्र जमा किए थे। आयोग के अधिकारियों ने बताया कि इन अभ्यर्थियों को पढ़ाने के पूर्व अनुभव के आधार पर 10 अंकों का वेटेज मिलना था, जिसके लिए उन्होंने जाली दस्तावेज पेश किए।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ अभ्यर्थियों ने अपने जन्म प्रमाण पत्र और शैक्षणिक मार्कशीट भी फर्जी तरीके से तैयार करवाए थे। यह खुलासा 18 नवंबर से शुरू हुई दस्तावेजों की जांच और सत्यापन प्रक्रिया के दौरान हुआ। इन अयोग्य अभ्यर्थियों की पहचान उनके द्वारा जमा किए गए अनुभव, उम्र और शैक्षणिक योग्यता से संबंधित दस्तावेजों की बारीकी से जांच के बाद की गई।
सूत्रों के अनुसार, यह अभ्यर्थी सितंबर में हुई लिखित परीक्षा में बैठे थे। हालांकि, पिछले टीचिंग एक्सपीरियंस (पूर्व में पढ़ाने का अनुभव) के लिए 10 अंक के वेटेज मानदंड का लाभ उठाने में विफल रहने के कारण वे साक्षात्कार के लिए योग्य नहीं हो सके। इन अभ्यर्थियों ने पहले भी इस अनुभव मानदंड पर आपत्ति जताई थी और दावा किया था कि यह भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार की गुंजाइश खोलता है।
हाल ही में लिखित परीक्षा के नतीजे घोषित होने के बाद यह बात सामने आई थी कि कई ऐसे नए अभ्यर्थी जिन्होंने लिखित परीक्षा में उत्कृष्ट अंक प्राप्त किए थे, उन्हें केवल अनुभव के वेटेज के अभाव में साक्षात्कार से बाहर कर दिया गया था। इस भर्ती प्रक्रिया के तहत उच्च माध्यमिक शिक्षकों के लिए लिखित परीक्षा सितंबर में आयोजित की गई थी, जिसके नतीजे इसी महीने घोषित हुए। इसी तरह, माध्यमिक शिक्षकों की भर्ती के लिए भी परीक्षा सितंबर में हुई थी और उसके नतीजे हाल ही में जारी किए गए हैं।
यह नई भर्ती प्रक्रिया इस साल की शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट की एक डिवीजन बेंच द्वारा लगभग 26,000 नियुक्तियों को रद्द करने के बाद खाली हुई रिक्तियों को भरने के लिए शुरू की गई थी। अप्रैल में सुनाए गए फैसले में, शीर्ष अदालत ने उन सभी शिक्षकों को नई भर्ती प्रक्रिया में भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया था जिन्होंने पैसे देकर नौकरी हासिल की थी। इस बीच, इस महीने की शुरुआत में घोषित लिखित परीक्षा के नतीजों को कलकत्ता हाई कोर्ट में दो अलग-अलग याचिकाओं के माध्यम से चुनौती भी दी गई है।
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