विवाह पंचमी 2025: पूजा का शुभ मुहूर्त और रामलला की कृपा
मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को अत्यंत शुभ माने जाने वाले विवाह पंचमी का पर्व मनाया जाता है। यह पावन दिन मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम और माता सीता के विवाह की वर्षगांठ के रूप में समर्पित है। इस दिन श्रद्धापूर्वक प्रभु श्री राम और माता सीता की पूजा-अर्चना करने से भक्तों पर रामलला की विशेष कृपा बरसती है और उनके जीवन के सभी कष्टों का निवारण होता है।
इस वर्ष विवाह पंचमी का पर्व और भी विशेष होने वाला है, क्योंकि इसी दिन अयोध्या में निर्माणाधीन राम मंदिर का ध्वजारोहण भी होगा। सूत्रों के अनुसार, राम मंदिर का ध्वजारोहण अभिजीत मुहूर्त में दोपहर 11 बजकर 52 मिनट से 12 बजकर 35 मिनट के बीच किया जाएगा। यह 43 मिनट की अवधि अत्यंत शुभ और मंगलकारी मानी जा रही है। इस दौरान विवाह पंचमी की पूजा करना विशेष फलदायी होगा। साधक इस अवधि में पूजा-पाठ, अनुष्ठान और अन्य शुभ कार्य संपन्न कर सकते हैं, जिससे उन्हें दोगुना लाभ प्राप्त होगा।
विवाह पंचमी केवल एक वैवाहिक वर्षगांठ का पर्व नहीं है, बल्कि यह धर्म, प्रेम और एक आदर्श गृहस्थ जीवन का प्रतीक है। मान्यता है कि जिन व्यक्तियों के विवाह में विलंब हो रहा है या विवाह संबंधी बाधाएं आ रही हैं, उन्हें इस विशेष दिन पर भगवान राम और माता सीता के विवाह का अनुष्ठान करवाना चाहिए। ऐसा करने से रामलला की कृपा से विवाह की समस्त अड़चनें दूर होती हैं और शीघ्र ही मनचाहा जीवनसाथी प्राप्त होता है। इसके अतिरिक्त, राम-सीता के आशीर्वाद से जीवन में आने वाले हर संकट का समाधान होता है और सुख-समृद्धि का वास होता है।
यह पर्व उन सभी के लिए एक प्रेरणा स्रोत है जो एक सुखद और आदर्श गृहस्थ जीवन की कामना करते हैं। इस दिन किए गए उपाय और पूजा-पाठ निश्चित रूप से फलदायी सिद्ध होते हैं।
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