0

बंगाल की खाड़ी में चक्रवात का खतरा, तटीय इलाकों में अलर्ट जारी

By Nov 24, 2025

बंगाल की खाड़ी में एक और चक्रवात के बनने की आशंका गहरा गई है, जिससे भारत के तटीय इलाकों में चिंता बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार, मलक्का जलडमरूमध्य और दक्षिण अंडमान सागर के ऊपर बना एक निम्न दबाव क्षेत्र अब सक्रिय हो गया है और पश्चिम-उत्तरपश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है।

यह सिस्टम सोमवार को दक्षिण–पूर्व बंगाल की खाड़ी और दक्षिण अंडमान सागर के ऊपर एक अवदाब (डिप्रेशन) में तब्दील हो गया है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले 48 घंटों के भीतर, यानी 26 मई की शाम तक, यह एक पूर्ण विकसित चक्रवात का रूप ले सकता है। इसके उत्तरी आंध्र प्रदेश से लेकर म्यांमार के बीच कहीं तट से टकराने की संभावना जताई जा रही है।

समुद्र में इसका प्रभाव 25 मई की शाम से बढ़ना शुरू हो जाएगा। दक्षिण–पूर्व बंगाल की खाड़ी में हवा की गति 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है। 26 मई की सुबह यह रफ्तार बढ़कर 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा हो सकती है, और कुछ स्थानों पर 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक भी पहुँच सकती है। 27 मई की सुबह तक हवा की गति 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुँचने की आशंका है, जो कि काफी खतरनाक हो सकती है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अंडमान सागर पर बना यह निम्न दबाव क्षेत्र कई अन्य समुद्री और वायुमंडलीय प्रणालियों से प्रभावित हो रहा है। इन जटिल परस्पर क्रियाओं के कारण सिस्टम की गति धीमी हो गई है। इसके अतिरिक्त, कोमोरिन क्षेत्र और श्रीलंका के पास भी एक नए निम्न दबाव क्षेत्र के बनने की संभावना देखी जा रही है।

हालांकि, अगले सात दिनों में तापमान में बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है। मौसम विशेषज्ञों का यह भी अनुमान है कि 27 मई से राज्य में ठंडी उत्तर दिशा की हवाएं चलने लगेंगी, जिससे तापमान में धीरे-धीरे गिरावट शुरू हो सकती है। कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस से नीचे जाने की भी संभावना है।

About

Journalist covering latest updates.

साझा करें