यूपी के स्कूलों में हर महीने होगा ‘बैगलेस डे’, छात्र सीखेंगे नई कलाएं
उत्तर प्रदेश के अमेठी जनपद के परिषदीय स्कूलों में शिक्षा के क्षेत्र में एक नई और अनूठी पहल की शुरुआत की गई है। अब हर महीने का तीसरा शनिवार ‘बैगलेस डे’ के रूप में मनाया जाएगा। इस दिन कक्षा छह से आठ तक के छात्र-छात्राएं बिना अपनी किताबें और बस्ते लेकर स्कूल आएंगे। विद्यालय में उन्हें कार्टून, वीडियो और अन्य मनोरंजक गतिविधियों के माध्यम से शिक्षा दी जाएगी।
यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों के अनुरूप है, जिसका मुख्य लक्ष्य छात्रों पर पड़ने वाले शैक्षणिक बोझ को कम करना और उनके समग्र विकास को बढ़ावा देना है। इस नीति के तहत, छात्रों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर, उन्हें खेलकूद, कला, संस्कृति और अन्य व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से सिखाने पर जोर दिया जा रहा है।
‘बैगलेस डे’ के अवसर पर, छात्रों के लिए विभिन्न प्रकार की 34 गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इनमें ‘आत्मनिर्भर भारत’, ‘स्वदेशी’, ‘वोकल फॉर लोकल’, कला, संस्कृति, ओडीओपी (एक जिला एक उत्पाद), पर्यावरण और प्रौद्योगिकी जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया जाएगा। इन गतिविधियों का उद्देश्य छात्रों में रचनात्मकता, भाषा कौशल, संगीत की समझ और अपने देश व समाज के प्रति जुड़ाव को बढ़ाना है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के अनुसार, इस योजना के माध्यम से बच्चों को सीखने और बोलने की कला सिखाई जाएगी, जिससे उनमें आत्मविश्वास बढ़ेगा। स्कूलों ने बच्चों की रुचि को ध्यान में रखते हुए विशेष कार्टून आधारित कविता और वीडियो भी तैयार कराए हैं। महानिदेशक के निर्देशों के अनुसार, सभी उच्च प्राथमिक, कंपोजिट और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं।
यह पहल न केवल छात्रों के मानसिक दबाव को कम करेगी, बल्कि उन्हें नई चीजें सीखने और अपनी छिपी प्रतिभाओं को निखारने का अवसर भी प्रदान करेगी। इससे शिक्षा को अधिक रुचिकर और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।
