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वंदे भारत में राजधानी-शताब्दी जैसी सुविधाएँ, रेलवे बोर्ड ने मांगी रिपोर्ट

By Nov 23, 2025

भारतीय रेलवे अपनी प्रीमियम ट्रेनों, विशेष रूप से वंदे भारत एक्सप्रेस, के यात्री अनुभव को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, रेलवे बोर्ड ने वंदे भारत ट्रेनों में राजधानी और शताब्दी एक्सप्रेस की तरह ही ऑन-बोर्ड हाउसकीपिंग स्टाफ (ओबीएचएस) की तैनाती का निर्णय लिया है। इस पहल का उद्देश्य ट्रेनों में साफ-सफाई के उच्च मानकों को बनाए रखना, यात्रियों की शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना और समग्र सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है।

वर्तमान में वंदे भारत ट्रेनों में लागू ओबीएचएस की व्यवस्था सामान्य मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों के लिए लागू दिशा-निर्देशों से भिन्न होगी। प्रीमियम सेवाओं के लिए एक मानकीकृत तैनाती नीति अपनाई जाएगी, जो अमृत भारत और भविष्य में आने वाली स्लीपर वंदे भारत ट्रेनों में भी लागू की जा सकती है। पूर्व मध्य रेल और उत्तर रेलवे से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर, रेलवे बोर्ड ने 25 नवंबर तक इस संबंध में विस्तृत जानकारी मांगी है। दोनों जोनल रेलवे द्वारा जानकारी उपलब्ध कराए जाने के बाद बोर्ड अंतिम निर्णय लेगा।

उत्तर रेलवे ने वंदे भारत चेयर कार और स्लीपर संस्करणों में ओबीएचएस कर्मचारियों की तैनाती के लिए एक मानकीकृत नीति का प्रस्ताव दिया है। इसके तहत, वंदे भारत के प्रत्येक कोच में एक ओबीएचएस कर्मी, प्रत्येक ट्रेन में एक एग्जीक्यूटिव हाउसकीपिंग कर्मी और स्लीपर वंदे भारत में प्रत्येक कोच में एक लीनन अटेंडेंट की तैनाती का आग्रह किया गया है।

पूर्व मध्य रेल ने अपने प्रस्ताव में कहा है कि वंदे भारत जैसी अत्याधुनिक ट्रेनों में कई बार चढ़ने-उतरने की सुविधा, बायो-वैक्यूम शौचालयों, आधुनिक फिटिंग्स, यात्री क्षेत्रों की आंतरिक सफाई, शौचालयों की नियमित सफाई और कचरे के निपटान जैसी व्यवस्थाओं के लिए समर्पित कर्मचारियों की आवश्यकता है। सामान्य ट्रेनों के लिए जारी ओबीएचएस दिशानिर्देश इन प्रीमियम ट्रेनों के यात्रियों की अपेक्षाओं को पूरा करने में सक्षम नहीं होंगे। वंदे भारत और नमो भारत ट्रेनों के लिए, एक एग्जीक्यूटिव हाउसकीपिंग स्टाफ के साथ दो कोचों के लिए एक केयरटेकर की तैनाती की आवश्यकता बताई गई है। अमृत भारत की अनारक्षित कोचों के लिए, तीन कोचों के लिए एक केयरटेकर और एक एग्जीक्यूटिव हाउसकीपिंग स्टाफ की तैनाती का अनुरोध किया गया है।

रेलवे बोर्ड ने इस प्रस्ताव की समीक्षा के बाद इसे वित्त निदेशालय को भेज दिया है। इस नई व्यवस्था से न केवल यात्रियों को बेहतर सुविधाएँ मिलेंगी, बल्कि ट्रेनों के परिचालन और रखरखाव में भी सुधार होगा, जिससे भारतीय रेलवे की सेवा गुणवत्ता में और वृद्धि होगी।

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