वाराणसी में बर्फीली पछुआ का दस्तक, तापमान गिरने का दौर शुरू
वाराणसी में ठंड का अहसास बढ़ने लगा है। पिछले कुछ दिनों से सक्रिय मौसम तंत्र के अभाव और हवा में आए बदलाव के कारण तापमान में लगभग तीन डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई थी, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली थी। लेकिन अब, सोमवार से बर्फीली और शुष्क उत्तरी-पश्चिमी हवाओं के शहर की ओर बढ़ने की संभावना है। इसके प्रभाव से तापमान में गिरावट का सिलसिला शुरू हो गया है।
मौसम विज्ञानियों का अनुमान है कि अगले चार से पांच दिनों के भीतर तापमान में क्रमिक रूप से दो से तीन डिग्री सेल्सियस की और गिरावट आ सकती है। इस बदलाव के चलते ठंड में इजाफा होने की पूरी संभावना है। सुबह के समय कुछ इलाकों में हल्के से मध्यम कोहरे का प्रभाव देखने को मिल सकता है, और कुछ स्थानों पर घना कोहरा भी छा सकता है।
वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डा. अतुल कुमार सिंह ने बताया कि घना कोहरा दिन चढ़ने के साथ छंट जाएगा, हालांकि दिन के समय हल्की धुंध बनी रह सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश के पश्चिमी क्षेत्रों से होकर यह पछुआ हवा शनिवार को आजमगढ़ तक पहुंच चुकी थी और रात तक पूर्वी उत्तर प्रदेश के लगभग सभी जनपदों में इसका असर दिखने लगा था।
इस मौसमी बदलाव के कारण लखनऊ से आजमगढ़ तक हल्के कोहरे की चादर बिछी रही, जिससे दृश्यता 800 मीटर तक कम हो गई थी। वाराणसी में भी शनिवार तक पुरवैया हवा का प्रभाव कम होने लगा था। लंका क्षेत्र में अधिकतम तापमान में मामूली वृद्धि दर्ज की गई, हालांकि यह अभी भी सामान्य से 1.2 डिग्री सेल्सियस नीचे बना हुआ है। बाबतपुर क्षेत्र में न्यूनतम तापमान में भी हल्की वृद्धि देखी गई, लेकिन कुल मिलाकर तापमान सामान्य से ऊपर ही रहा।
मौसम विभाग द्वारा जारी की गई जानकारी के अनुसार, लोगों को सलाह दी जाती है कि वे ठंड से बचाव के लिए उचित उपाय करें और सुबह के समय यात्रा करते समय विशेष सावधानी बरतें। बदलते मौसम के मिजाज को देखते हुए, यह आवश्यक है कि सभी नागरिक अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
