2026 में कौन सी डिग्रियाँ दिलाएंगी सबसे अधिक नौकरियाँ? रिपोर्ट में हुआ खुलासा
जैसे-जैसे कॉलेज, छात्र और नियोक्ता ‘सबसे अधिक रोज़गार योग्य’ डिग्रियों की बात करते हैं, प्रौद्योगिकी का पलड़ा अब भी भारी है। हालांकि, इंडिया स्किल्स रिपोर्ट 2026 कुछ चौंकाने वाले बदलावों का खुलासा करती है, जो भविष्य के कार्यबल के लिए महत्वपूर्ण निहितार्थ रखते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, तकनीकी डिग्रियाँ, जैसे कंप्यूटर साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा साइंस, रोज़गार के मामले में सबसे आगे हैं। इन क्षेत्रों में कुशल पेशेवरों की मांग लगातार बढ़ रही है, क्योंकि अर्थव्यवस्था तेजी से डिजिटल हो रही है। कंपनियाँ ऐसे स्नातकों की तलाश में हैं जो उभरती प्रौद्योगिकियों को समझ सकें और उनका लाभ उठा सकें।
हालांकि, सूची में एक बड़ा फेरबदल मध्य भाग में देखा गया है। एमबीए (मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन) की रोज़गार क्षमता में गिरावट आई है, जो एक समय में सबसे प्रतिष्ठित डिग्रियों में से एक मानी जाती थी। इसके विपरीत, कॉमर्स और विभिन्न व्यावसायिक (वोकेशनल) धाराओं ने चुपचाप अपनी रैंकिंग में सुधार किया है। यह बदलाव नियोक्ताओं की बदलती प्राथमिकताओं को दर्शाता है, जो अब विशिष्ट कौशल और व्यावहारिक अनुभव वाले उम्मीदवारों को अधिक महत्व दे रहे हैं। डिजिटल-फर्स्ट अर्थव्यवस्था में, जहाँ नवाचार और अनुकूलन क्षमता महत्वपूर्ण हैं, ऐसे उम्मीदवार जो सीधे कार्यबल में योगदान कर सकें, उन्हें प्राथमिकता दी जा रही है।
यह रिपोर्ट इस बात पर भी जोर देती है कि भविष्य में केवल डिग्री ही काफी नहीं होगी, बल्कि कौशल-आधारित शिक्षा और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति सफलता की कुंजी होगी। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अपने अध्ययन के क्षेत्र को चुनते समय वर्तमान और भविष्य की रोज़गार की मांगों का ध्यान रखें। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव भारत के युवा कार्यबल को अधिक प्रासंगिक और प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है, जिससे देश की आर्थिक वृद्धि को भी बल मिलेगा।
