कर्तव्य पथ पर गूंजेगी झारखंड पुलिस के कर्नल जेके सिंह की आवाज, गणतंत्र दिवस पर होंगे उद्घोषक
नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर 26 जनवरी को होने वाली गणतंत्र दिवस परेड में इस वर्ष झारखंड पुलिस का गौरव गूंजेगा। झारखंड पुलिस में सेवारत कर्नल जेके सिंह को इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय समारोह में उद्घोषक के रूप में चुना गया है। यह चयन झारखंड पुलिस के लिए एक अत्यंत गर्व का पल है।
कर्नल जेके सिंह ने उद्घोषक के चयन हेतु आयोजित की गई प्रक्रिया के सभी चरणों में सर्वाधिक अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया है। दिल्ली में संपन्न हुए परीक्षणों में उन्होंने अपनी असाधारण शारीरिक क्षमता, रणनीतिक नेतृत्व कौशल, सैन्य अनुशासन और परेड कमांड की दक्षता का लोहा मनवाया। इस चयन प्रक्रिया में देशभर के कई शीर्ष सैन्य अधिकारी, विशेषज्ञ और सुरक्षा इकाइयों के प्रतिनिधि शामिल थे।
लगभग 48 घंटे तक चले इस गहन अभ्यास में उम्मीदवारों के अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, मनोवैज्ञानिक संतुलन, रणनीतिक योजना, परेड आदेश देने की क्षमता और टीम प्रबंधन जैसे उच्च मानकों पर कड़े मापदंडों के तहत आकलन किया गया। इन सभी कसौटियों पर खरा उतरते हुए कर्नल सिंह ने सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया, जो उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण का प्रमाण है।
यह पहली बार नहीं है जब कर्नल जेके सिंह ने गणतंत्र दिवस परेड में अपनी जगह बनाई है। इससे पूर्व भी वे इस राष्ट्रीय पर्व का हिस्सा रह चुके हैं। उन्होंने झारखंड के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों जैसे रांची, जमशेदपुर, लातेहार, दुमका, पलामू और गढ़वा सहित कई जिलों में विशेष सुरक्षा अभियानों और काउंटर ऑपरेशंस का सफलतापूर्वक नेतृत्व किया है।
कर्नल सिंह के नेतृत्व में झारखंड पुलिस के 14 चयनित सिपाहियों को विशेष प्रशिक्षण के लिए भेजा गया है, ताकि वे राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें। केंद्र सरकार ने कर्नल सिंह के कार्यों को ‘गुड प्रैक्टिस मॉडल’ के रूप में विशेष मान्यता दी है, जिसे अब झारखंड पुलिस में रोल मॉडल प्रशिक्षण के रूप में लागू किया जा रहा है। उनकी एक महत्वपूर्ण पहल के तहत, झारखंड के 26 वीर जवानों के बच्चों को सैनिक स्कूल और सैनिक अकादमी में प्रवेश की तैयारी के लिए विशेष कार्यक्रम में शामिल किया गया है, जिनमें से कई अब राष्ट्रीय स्तर पर चयनित हो चुके हैं।
कर्नल जेके सिंह के शौर्य और पराक्रम का एक और महत्वपूर्ण अध्याय जम्मू-कश्मीर में एक एंटी-टेररिस्ट ऑपरेशन से जुड़ा है, जिसके लिए उन्हें गैलेंट्री अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है। इस ऑपरेशन में हिजबुल मुजाहिदीन के डिस्ट्रिक्ट कमांडर को मार गिराया गया था। इसके अतिरिक्त, उन्होंने लश्कर-ए-तैयबा के एक डिस्ट्रिक्ट कमांडर सहित छह आतंकवादियों को जिंदा पकड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
