फडणवीस बोले: मुंबई हमले के बाद ‘ऑपरेशन सिंदूर’ होता तो दोबारा हमला न होता
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को कहा कि यदि भारत ने नवंबर 2008 के मुंबई आतंकी हमले के बाद ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसी साहसिक सैन्य कार्रवाई की होती, तो कोई भी देश को दोबारा निशाना बनाने की हिम्मत नहीं करता। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पाकिस्तान जानता है कि वह सीधे युद्ध में भारत को पराजित नहीं कर सकता, इसलिए वह पहलगाम जैसे आतंकी हमलों या दिल्ली में विस्फोट जैसी घटनाओं को अंजाम देता है।
गेटवे ऑफ इंडिया पर 26-11 हमले की 17वीं बरसी के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि मुंबई पर हुआ हमला सिर्फ ताज और ट्राइडेंट होटलों पर हमला नहीं था, बल्कि यह भारत की आर्थिक राजधानी और देश की संप्रभुता पर सीधा हमला था। उन्होंने कहा, “यदि हम इस बात को समझते और उस समय ऑपरेशन सिंदूर करने का साहस दिखाते, तो कोई भी हम पर दोबारा हमला करने की हिम्मत नहीं करता।”
सूत्रों के अनुसार, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा पाकिस्तान में आतंकी ढांचे को निशाना बनाकर की गई एक सैन्य कार्रवाई थी। 26 नवंबर, 2008 को पाकिस्तानी आतंकियों ने समुद्री मार्ग से मुंबई में प्रवेश कर कहर बरपाया था, जिसमें लगभग 166 लोगों की जान चली गई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि भले ही इस घटना को 17 साल बीत चुके हैं, लेकिन पीड़ितों और देशवासियों के दिलों में आज भी उसका दर्द ताजा है।
उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से पाकिस्तान की ओर इशारा करते हुए कहा कि वे जानते हैं कि सीधे मुकाबले में भारत से जीतना संभव नहीं है, इसलिए वे छद्म युद्ध और आतंकी हमलों का सहारा लेते हैं। उन्होंने कहा कि 26/11 जैसे हमलों के मास्टरमाइंडों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहनी चाहिए। हाल ही में, उच्च न्यायालय ने 26/11 के मास्टरमाइंड अबू जुंदल के खिलाफ सात साल बाद मामले में फिर से सुनवाई के कड़े निर्देश दिए हैं, जो इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
