स्कूल में बच्चों की तबीयत बिगड़ने का राज खुला, शरारत से फैला था खतरनाक केमिकल
संडीला के लायंस पब्लिक स्कूल में 20 तारीख को हुई एक घटना ने सभी को चौंका दिया था, जब सुबह-सुबह 20 बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। पहले जहां इसे गैस रिसाव का मामला माना जा रहा था, वहीं गहन जांच के बाद अब सच्चाई सामने आई है। यह किसी गैस रिसाव का परिणाम नहीं, बल्कि चार छोटे बच्चों की एक शरारत थी जिसने 20 बच्चों को अस्वस्थ कर दिया।nnनई तहसील के सामने स्थित इस स्कूल में गुरुवार की सुबह प्रार्थना सभा के बाद कई बच्चे खांसी और सांस फूलने से परेशान होने लगे थे। उनकी हालत इतनी बिगड़ गई थी कि उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जिसमें से कुछ को गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में भी रखना पड़ा। कुछ गंभीर रूप से प्रभावित बच्चों को बेहतर इलाज के लिए लखनऊ भी भेजा गया था। इस घटना की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, उप-मंडल मजिस्ट्रेट और क्षेत्राधिकारी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे थे।nnमामले की तह तक जाने के लिए पुलिस अधीक्षक ने चार विशेष टीमें गठित कीं। क्षेत्राधिकारी ने चिकित्सकों, रसायन विशेषज्ञों और फारेंसिक टीम के साथ मिलकर 36 घंटे तक गहन जांच की। इस दौरान 64 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए, जिससे इस चौंकाने वाले राज का पर्दाफाश हुआ।nnपुलिस अधीक्षक ने बताया कि आईपीएल केमिकल कंपनी के अनुभवी चिकित्सकों को भी घटनास्थल पर बुलाया गया था। फारेंसिक टीम को जांच के दौरान बाथरूम में एक्सपायरी डेट का एक स्प्रे मिला। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के एक्सपायर्ड स्प्रे से निकलने वाले रसायन अत्यधिक हानिकारक होते हैं, जो गला सूखने, सीने में दर्द, बेहोशी, तंत्रिका तंत्र पर प्रभाव और आंखों में जलन जैसी समस्याएं पैदा कर सकते हैं। यदि स्प्रे एक्सपायर हो तो यह और भी खतरनाक हो जाता है।nnजांच टीमों ने सीसीटीवी फुटेज के अवलोकन से पाया कि एक बच्चा सीढ़ियों से उतरकर बाथरूम में कुछ देर रुका और फिर वापस चला गया। आगे की पूछताछ में पता चला कि बच्चे को स्कूल आते समय कूड़े के ढेर से यह स्प्रे मिला था, जिसे उसने अपने एक दोस्त को दे दिया था। दोनों बच्चों ने मिलकर स्प्रे को नष्ट करने के उद्देश्य से स्कूल के फर्स्ट फ्लोर पर स्थित बाथरूम में उसे खाली कर फेंक दिया था। इसी स्प्रे से निकली महक के कारण वहां से गुजरने वाले बच्चे अस्वस्थ हुए।nnक्षेत्राधिकारी ने रसायन विशेषज्ञ डॉक्टर आरके भटनागर के हवाले से बताया कि स्प्रे से निकलने वाली गैस हवा के साथ मिलकर हानिकारक हो जाती है और यह मुख्य रूप से निचली सतह पर ही रहती है। प्रार्थना सभा के बाद जो बच्चे बाथरूम के नजदीक से गुजरे, वे ही इसके अधिक शिकार हुए। छोटे बच्चों पर इसका असर ज्यादा हुआ, जबकि अच्छी प्रतिरोधक क्षमता वाले बच्चों पर कम प्रभाव पड़ा। हालांकि, अब सभी बच्चे स्वस्थ बताए जा रहे हैं।”
जा रहे हैं।
